
आगरा के रोहित कत्याल ने उठाई नियमों को सरल बनाने की मांग
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले छोटे व्यापारी और खुदरा कारोबारी इस समय कई तरह की नीतिगत और व्यावहारिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। जमीनी स्तर पर व्यापार को गति देने और सरकारी योजनाओं की जटिलताओं को दूर करने के उद्देश्य से कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली के पंचशील भवन में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की।
इस बैठक को आगामी समय में रिटेल सेक्टर और सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSMEs) की दशा और दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्यापारियों ने बेबाकी से अपनी समस्याओं को मंत्री के सामने रखा, जिस पर सकारात्मक रुख देखने को मिला।
. जमीनी चुनौतियों को लेकर केंद्रीय मंत्री से सीधी बात
लंबे समय से खुदरा बाजार और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लघु उद्योग कई प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों का सामना कर रहे हैं। इसी सिलसिले में कैट के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। बैठक के दौरान केवल कागजी औपचारिकताओं पर बात नहीं हुई, बल्कि उन व्यावहारिक दिक्कतों को रेखांकित किया गया जो एक आम व्यापारी को हर दिन व्यापार चलाने में आती हैं।
व्यापारिक नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यदि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है, तो देश के भीतर व्यापार करने के माहौल (Ease of Doing Business) को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाना होगा।
. नियमों का सरलीकरण: आगरा के कैट अध्यक्ष रोहित कत्याल ने उठाई आवाज
बैठक में उत्तर प्रदेश, विशेषकर ताजनगरी आगरा के व्यापारियों का पक्ष रखते हुए कैट के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं आगरा जिलाध्यक्ष रोहित कत्याल ने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा व्यापारियों और उद्यमियों के लिए कई बेहतरीन योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासनिक और तकनीकी पेचीदगियों के कारण छोटे कारोबारी इनका पूरा लाभ नहीं उठा पाते।

”वर्तमान समय में रिटेल व्यापार और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण बेहद आवश्यक है। जब तक तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को समाप्त नहीं किया जाएगा, तब तक देश का छोटा और मध्यम कारोबारी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा नहीं हो सकेगा।”
— रोहित कत्याल, कैट जिला अध्यक्ष, आगरा
उन्होंने मांग की कि सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को और अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाया जाए ताकि कम पढ़े-लिखे या पारंपरिक रूप से व्यापार करने वाले लोग भी बिना किसी डर के योजनाओं से जुड़ सकें।
3. रोजगार सृजन और स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन देने पर जोर
चर्चा का एक मुख्य केंद्र बिंदु देश में नए रोजगार के अवसरों का सृजन करना भी था। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि कॉर्पोरेट सेक्टर की तुलना में देश का रिटेल और लघु उद्योग क्षेत्र सबसे अधिक लोगों को आजीविका प्रदान करता है। यदि सरकार नीतियों को थोड़ा लचीला और व्यवहारिक बना दे, तो यह सेक्टर देश की आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा आधार बन सकता है।
स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों (Local Products) की ब्रांडिंग और उनके लिए बेहतर बाजार व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठी। खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) के क्षेत्र में छोटे उद्यमियों को कैसे आधुनिक तकनीक और आसान लोन की सुविधा मिले, इस पर भी गंभीर मंथन हुआ।
4. चिराग पासवान का आश्वासन: ‘छोटे व्यापारियों को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता’
कैट के पदाधिकारियों की बातों को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने व्यापारिक हितों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने का पूरा भरोसा दिलाया।

केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और मध्यम उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। व्यापारिक संगठनों द्वारा जो भी सुझाव और समस्याएं उनके संज्ञान में लाई गई हैं, उन्हें दूर करने के लिए मंत्रालय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में छोटे व्यापारियों के लिए असीम संभावनाएं हैं और सरकार उन्हें हर संभव तकनीकी व वित्तीय सहायता देने के लिए नीतियां तैयार कर रही है।
5. देश भर के दिग्गज व्यापारिक नेता रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के कोने-कोने से आए कैट के शीर्ष नेतृत्व ने हिस्सा लिया, जो इस बात का प्रमाण है कि व्यापारी वर्ग अपनी मांगों को लेकर कितना गंभीर है।
मुलाकात के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:
- पंकज अरोरा (राष्ट्रीय सचिव, कैट)
- अखिलेश मिश्रा (उत्तर प्रदेश महामंत्री)
- रोहित कत्याल (आगरा जिला अध्यक्ष)
- अशोक वाजपेई, घनश्याम गर्ग, सागर केसवानी
- अशोक वर्मा (बिहार प्रदेश अध्यक्ष)
- रोहित खैतान (बंगाल प्रदेश अध्यक्ष)
- संजीव जैन (मध्य प्रदेश अध्यक्ष)
विभिन्न राज्यों के इन प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि यह समस्या किसी एक क्षेत्र की नहीं बल्कि पूरे देश के रिटेल सेक्टर की है, जिसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।



