
उत्तर प्रदेश के राजनैतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आ रही है। आगरा में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को अज्ञात उपद्रवियों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। इस घटना के बाद से ही स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सांसद को यह धमकियां उनके मोबाइल फोन पर कॉल और संदेशों के जरिए दी जा रही थीं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सांसद रामजीलाल सुमन ने सीधे उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण से इस बात की लिखित शिकायत की। डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद आगरा के थाना हरीपर्वत में आनन-फानन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उन संदेहास्पद मोबाइल नंबरों को ट्रेस करने और उनके मालिकों का पता लगाने में पूरी ताकत से जुट गई है।
’पिछड़ों की आवाज उठाई तो मार देंगे जान से’ – आखिर क्या है पूरा मामला?
सांसद रामजीलाल सुमन को पिछले कुछ समय से लगातार उनके मोबाइल फोन पर अनजान नंबरों से कॉल और आपत्तिजनक संदेश मिल रहे थे। मामला तब और गंभीर हो गया जब बीती 5 मार्च को एक विशिष्ट नंबर से उनके व्हाट्सएप पर कई धमकी भरे संदेश भेजे गए। इन संदेशों में सीधे तौर पर उन्हें जान से मारने की बात कही गई थी।
हैरान करने वाली बात यह है कि धमकी देने वाले शख्स ने सांसद की राजनैतिक और सामाजिक सक्रियता को निशाना बनाया। संदेश में साफ तौर पर लिखा गया था कि यदि उन्होंने ‘पिछड़ों, दलितों और मजबूरों की आवाज उठाना’ बंद नहीं किया, तो उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा। इस तरह के संदेशों से यह साफ जाहिर होता है कि धमकी देने वाले तत्व समाज के वंचित तबके की आवाज को दबाना चाहते हैं।
डीजीपी राजीव कृष्ण से शिकायत और हरीपर्वत थाने में एक्शन
शुरुआत में इन कॉल्स को नजरअंदाज करने के बाद, जब धमकियों का सिलसिला नहीं थमा, तो सांसद रामजीलाल सुमन ने कानून का सहारा लेने का फैसला किया। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए धमकी देने वाले नंबर की व्हाट्सएप डीपी और भेजे गए सभी आपत्तिजनक संदेशों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित कर लिए।
इसके बाद उन्होंने इन पुख्ता सबूतों के साथ सीधे डीजीपी राजीव कृष्ण को अपनी शिकायत भेजी। डीजीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत आगरा पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन करते हुए आगरा के हरीपर्वत थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस की तफ्तीश तेज: नंबर और लोकेशन ट्रेस करने की कवायद
हरीपर्वत थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया कि सांसद की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच वैज्ञानिक व तकनीकी तरीकों से की जा रही है। पुलिस की सर्विलांस टीम और साइबर सेल को काम पर लगा दिया गया है।
”जिस मोबाइल नंबर से संदेश भेजे गए थे, उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन निकाली जा रही है। इसके साथ ही सिम कार्ड किसके नाम पर रजिस्टर्ड है और इसके पीछे क्या किसी संगठित गिरोह का हाथ है, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।” — थाना प्रभारी, हरीपर्वत
”धमकियों से डरने वाला नहीं” – सांसद रामजीलाल सुमन का कड़ा रुख
इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने बेहद कड़ा और साहसी रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस तरह की कायराना धमकियों के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
सांसद सुमन ने कहा:
”मैं दशकों से जनता के बीच रहकर राजनीति कर रहा हूँ। पिछड़ों, शोषितों और मजबूरों के हक की लड़ाई लड़ना मेरा कर्तव्य है और समाजवादी पार्टी की विचारधारा का मूल आधार है। अगर कोई सोचता है कि गोली या मौत की धमकी देकर वो मेरी आवाज को दबा देगा, तो यह उसकी बहुत बड़ी भूल है। मैं संसद से लेकर सड़क तक जनता की आवाज इसी तरह बुलंद करता रहूँगा।”
: क्या जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं?
एक प्रतिष्ठित राज्यसभा सांसद को इस तरह खुलेआम जान से मारने की धमकी मिलना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर एक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा से जुड़ा है। हालांकि, पुलिस जिस तेजी से नंबर ट्रेस करने और आरोपी तक पहुँचने का प्रयास कर रही है, उससे उम्मीद है कि बहुत जल्द इस साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति और जनसेवा की आवाज को डरा-धमकाकर दबाया नहीं जा सकता।।



