आगरा। शिक्षा की नगरी आगरा के ऐतिहासिक संस्थान ‘आगरा कॉलेज’ के गलियारों में आज उस समय पुरानी यादों की महक तैर गई, जब कॉलेज के एक पूर्व छात्र ने एक सफल प्रशासनिक अधिकारी और मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि के रूप में परिसर में कदम रखा। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन (NHRC) उत्तर प्रदेश के विशेष प्रतिनिधि और कर्नाटक कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी उपेंद्र सिंह बघेल ने कॉलेज के विभिन्न छात्रावासों का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

छात्रावासों की सुविधाओं का जायजा: अंतःवासियों से की बात

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​अपने भ्रमण के दौरान श्री बघेल ने रानी लक्ष्मीबाई महिला छात्रावास, सप्रू छात्रावास, बी.एन. हॉस्टल और के.डी. हॉस्टल का निरीक्षण किया। उन्होंने हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं (अंतःवासियों) को मिल रही मूलभूत सुविधाओं, जैसे—साफ-सफाई, बिजली, पानी और सुरक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया। वर्तमान व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एक शैक्षणिक संस्थान के विकास में उसके छात्रावासों की भूमिका सबसे अहम होती है।

कमरा नंबर 5 की वो यादें: 1983-84 का वो दौर

​निरीक्षण के दौरान माहौल तब भावुक हो गया जब उपेंद्र सिंह बघेल जी ने अपनी छात्र राजनीति और संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 1983-84 के दौरान इसी आगरा कॉलेज के विद्यार्थी थे और सप्रू छात्रावास के कमरा नंबर 5 में रहकर अपनी पढ़ाई किया करते थे।

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​उन्होंने यादों के झरोखे से झांकते हुए बताया, “उस समय अनुशासन का पर्याय माने जाने वाले डॉ. मुख्त्यार सिंह हमारे वॉर्डन हुआ करते थे। उनका दबदबा ऐसा था कि किसी भी छात्र की हिम्मत पढ़ाई के अलावा किसी अन्य गलत गतिविधि में पड़ने की नहीं होती थी।” श्री बघेल ने श्रेय देते हुए कहा कि इसी कड़े अनुशासन का परिणाम था कि उनका चयन पहली बार में ही IIT कानपुर के लिए हुआ और उसके बाद उन्होंने IPS बनकर कर्नाटक कैडर में देश की सेवा की।

अनुशासन ही सफलता की कुंजी: वर्तमान पीढ़ी को संदेश

​आज के दौर में जहां छात्र राजनीति और भटकाव के किस्से आम हैं, वहां उपेंद्र सिंह बघेल ने अनुशासन के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगरा कॉलेज की विरासत को बनाए रखना वर्तमान छात्रों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आगरा कॉलेज में आज भी वह शैक्षणिक माहौल बरकरार है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को आश्वासन दिया कि जब भी छात्रों के मार्गदर्शन के लिए उनकी आवश्यकता होगी, वे संवाद करने के लिए तत्पर रहेंगे।

कॉलेज के बुनियादी ढांचे के लिए सरकारी मदद का आश्वासन

​निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल कमियां ही नहीं देखीं, बल्कि सुधार की रूपरेखा भी तैयार की। श्री बघेल ने छात्रावासों की सुविधाओं में और अधिक अभिवृद्धि करने के लिए सरकारी स्तर पर हर संभव मदद और फंड दिलवाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय की जरूरतों के अनुसार छात्रावासों में नई सुविधाओं का होना अनिवार्य है।

प्राचार्य और स्टॉफ ने किया भव्य स्वागत

​इससे पूर्व, आगरा कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. सी.के. गौतम, उप-प्राचार्य डॉ. पी.बी. झा, प्रो. मृणाल शर्मा और प्रो. पूनम चांद ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। प्राचार्य डॉ. सी.के. गौतम ने NHRC प्रतिनिधि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री बघेल जैसे व्यक्तित्व का कॉलेज आना वर्तमान छात्रों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।

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​निरीक्षण के दौरान चीफ वॉर्डन डॉ. ए.के. सिंह, प्रो. भूपेंद्र चिकारा, महिला छात्रावास की वॉर्डन प्रो. कल्पना चतुर्वेदी, एसो. प्रो. शशिकांत पांडेय, डॉ. विकास सिंह, डॉ. फिरोज अंसारी, डॉ. हेमराज सिंह चौहान और डॉ. दिनेश मौर्य उपस्थित रहे। सभी वॉर्डन्स ने अपने-अपने छात्रावासों की वर्तमान स्थिति और आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।

आगरा कॉलेज के लिए यह गौरव का क्षण था कि उसका एक पूर्व छात्र आज देश के प्रतिष्ठित पदों पर आसीन होकर अपनी जड़ों को नहीं भूला है। उपेंद्र सिंह बघेल का यह दौरा न केवल कॉलेज के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद जगाता है, बल्कि छात्रों को यह संदेश भी देता है कि ‘कड़ा अनुशासन और कड़ी मेहनत’ ही सफलता का एकमात्र शॉर्टकट है।