
आगरा। ताजनगरी आगरा के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर है। पिछले लंबे समय से आगरा में एक बड़े और आधुनिक सिविल एन्क्लेव की मांग अब हकीकत में बदलने के बेहद करीब पहुंच गई है। धनौली में निर्माणाधीन आगरा एयरपोर्ट के नए सिविल टर्मिनल का काम अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पूरी परियोजना का लगभग दो-तिहाई (66% से अधिक) काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
गुरुवार को आगरा के जिलाधिकारी (डीएम) मनीष बंसल ने खुद धनौली पहुंचकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस प्रोजेक्ट में देरी या गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीएम मनीष बंसल ने परखा काम, गुणवत्ता और सुरक्षा पर दिया जोर
गुरुवार का दिन धनौली सिविल टर्मिनल साइट पर प्रशासनिक हलचल से भरा रहा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने निर्माण स्थल का सघन दौरा किया। उन्होंने टर्मिनल भवन की मुख्य संरचना, सुरक्षा मानकों, बाउंड्री वॉल और परिसर के भीतर चल रहे अन्य तकनीकी कार्यों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की। अधिकारियों ने डीएम को आश्वस्त किया कि काम तय गाइडलाइंस के मुताबिक ही आगे बढ़ रहा है और समय सीमा के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा। डीएम बंसल ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए ताकि भविष्य में यात्रियों को यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
टीटीजेड और ड्रेनेज की समस्याओं पर अगले हफ्ते होगी ‘महाबैठक’
आगरा एयरपोर्ट सिविल टर्मिनल के निर्माण में कुछ तकनीकी और पर्यावरणीय अड़चनें भी सामने आ रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। आगरा का एक बड़ा हिस्सा ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) के अंतर्गत आता है, जिसके कारण यहां किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए कड़े पर्यावरणीय नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा, धनौली और आसपास के इलाकों में जलभराव या ड्रेनेज (निकासी) की समस्या भी एक चुनौती बनी हुई है।
इन सभी मुद्दों का स्थायी समाधान निकालने के लिए जिलाधिकारी ने अगले सप्ताह एक विशेष बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में टीटीजेड, सिंचाई विभाग, नगर निगम, और ड्रेनेज से जुड़े सभी संबंधित विभागों के आला अधिकारी शामिल होंगे, ताकि आपसी समन्वय से सभी लंबित मामलों को तुरंत सुलझाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की चमचमाती सड़कों से लैस होगा एयरपोर्ट मार्ग
पर्यटन के लिहाज से आगरा दुनिया के नक्शे पर एक बेहद महत्वपूर्ण शहर है। ऐसे में केवल एयरपोर्ट का शानदार होना ही काफी नहीं है, बल्कि वहां तक पहुंचने वाले रास्ते भी उतने ही आलीशान होने चाहिए। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि एयरपोर्ट की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है।
आगामी बैठक में एयरपोर्ट रोड के चौड़ीकरण (Widening), शानदार लाइटिंग और सौंदर्यीकरण (Beautification) के प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लग सकती है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि जब कोई विदेशी या घरेलू पर्यटक इस एयरपोर्ट पर उतरे, तो उसे शहर में प्रवेश करते ही एक वैश्विक स्तर का अनुभव (World-class experience) मिले।
आगरा के पर्यटन और व्यापार को लगेंगे चार चांद
धनौली एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का पूरा होना सिर्फ विमानों की आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आगरा की किस्मत बदलने वाला साबित होगा। वर्तमान में आगरा आने वाले पर्यटकों को दिल्ली या जेवर एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है, या फिर खेरिया स्थित सैन्य हवाई अड्डे के सीमित सिविल एन्क्लेव का उपयोग करना पड़ता है।
नया सिविल टर्मिनल शुरू होने से:
विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा, जिससे स्थानीय रोजगार और होटल व्यवसाय को सीधे तौर पर बढ़ावा मिलेगा।
देश के सभी प्रमुख शहरों से आगरा के लिए सीधी उड़ानें (Direct Flights) शुरू हो सकेंगी।
जूता उद्योग, पेठा उद्योग और हस्तशिल्प (Handicraft) से जुड़े स्थानीय व्यापारियों को बड़ा लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा।



