उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को ताजनगरी आगरा के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने न केवल जिले की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, बल्कि ‘यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन’ (यूटा) के प्रांतीय अधिवेशन में शामिल होकर प्रदेश के लाखों शिक्षकों और शिक्षामित्रों को बड़ी खुशखबरी दी। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा और शिक्षकों के उत्थान के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि: अब मिलेंगे 18,000 रुपये

​आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम गार्डन में आयोजित ‘यूटा’ के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने शिक्षामित्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर साझा की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब शिक्षामित्रों को महज 3,000 रुपये का मानदेय मिलता था। भाजपा सरकार ने इसे पहले बढ़ाकर 10,000 रुपये किया और अब सरकार ने इसे 18,000 रुपये करने का निर्णय लिया है।

​इस घोषणा से प्रदेश भर के हजारों शिक्षामित्रों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है। मौर्य ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा की नींव रखने वाले इन साथियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के बच्चों का भविष्य संवार सकें।

16 लाख शिक्षकों और रसोइयों को ‘कैशलेस चिकित्सा’ की सुविधा

​स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए डिप्टी सीएम ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के सरकारी शिक्षकों को अब कैशलेस चिकित्सा की सुविधा दी जा रही है। खास बात यह है कि इस योजना के दायरे में केवल मुख्य शिक्षक ही नहीं, बल्कि स्कूलों में काम करने वाले रसोइयों को भी शामिल किया गया है।

​उन्होंने बताया कि इस फैसले से प्रदेश के लगभग 16 लाख शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे। अब उन्हें इलाज के लिए भारी-भरकम राशि खर्च करने या दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। सरकार सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य खर्च का वहन करेगी, जो कि कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

“अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं शिक्षक” – डिप्टी सीएम की अपील

​सम्मेलन के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने शिक्षकों से एक भावुक और जिम्मेदार अपील भी की। उन्होंने कहा, “सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और शिक्षा के स्तर में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। मैं प्रदेश के सभी सरकारी शिक्षकों से आह्वान करता हूँ कि वे अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने की शुरुआत करें।”

​डिप्टी सीएम का मानना है कि जब शिक्षक खुद अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजेंगे, तो इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। इससे न केवल सरकारी स्कूलों के प्रति जनता की उदासीनता कम होगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर जनता का भरोसा भी बढ़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘विकसित भारत’ का सपना तभी पूरा होगा जब हमारा युवा शिक्षित होगा।

निजी स्कूलों की अवैध वसूली पर सख्त चेतावनी

​शिक्षा को व्यापार बनाने वाले निजी स्कूलों को भी डिप्टी सीएम ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कई निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से की जा रही अवैध वसूली की शिकायतें सरकार तक पहुँच रही हैं। ऐसी संस्थाओं पर सरकार की पैनी नजर है और जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा के नाम पर शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सपा पर हमला: “2037 तक विपक्ष की कोई संभावना नहीं”

​सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक और राजनीतिक चर्चा के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि केवल उन लोगों के नाम हटाए गए हैं जो या तो मृत हैं या जिनके नाम दो जगह (डुप्लीकेट) दर्ज थे।

​उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “सपा केवल हो-हल्ला करना जानती है। वे 2027 के सपने देख रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि 2037 तक उनके लिए सत्ता की कोई संभावना दूर-दूर तक नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि सपा के शासनकाल में प्राथमिक शिक्षा का स्तर न्यूनतम स्तर पर था, जिसे भाजपा सरकार ने कड़ी मेहनत से सुधारा है।