वृंदावन के कण-कण में राधा नाम की गूंज पैदा करने वाले और देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के मार्गदर्शक, पूज्य संत प्रेमानंद जी महाराज के भक्तों के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत अचानक काफी बिगड़ गई है, जिसके चलते आश्रम प्रशासन को कुछ कड़े और बड़े फैसले लेने पड़े हैं।

​महाराज जी के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी बेहद लोकप्रिय ‘रात्रि पदयात्रा’ को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसके साथ ही, उनके नियमित होने वाले ‘एकांतिक दर्शन’ पर भी फिलहाल पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही दुनिया भर में मौजूद उनके करोड़ों भक्तों में मायूसी की लहर दौड़ गई है और हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।

​लाउडस्पीकर से हुई घोषणा, बिना दर्शन लौटे हजारों श्रद्धालु

​रोज की तरह, बीते दिन भी देश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालु आधी रात से ही वृंदावन की सड़कों पर महाराज जी की एक झलक पाने के लिए कतारों में खड़े थे। लेकिन इसी बीच श्री केली कुंज आश्रम के शिष्यों ने लाउडस्पीकर के जरिए एक ऐसी घोषणा की, जिसने भक्तों के दिलों को झकझोर कर रख दिया।

​आश्रम के सेवादारों ने लाउडस्पीकर पर भावुक आवाज में भक्तों को जानकारी दी:

“महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए आज की पदयात्रा रद्द की जा रही है। आप सभी से करबद्ध प्रार्थना है कि सड़क किनारे भीड़ न लगाएं और अपने-अपने गंतव्य को लौट जाएं।”

​इस घोषणा को सुनते ही वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। अनुशासन का परिचय देते हुए भक्तों ने भीड़ को हटाया, लेकिन महाराज जी के स्वास्थ्य को लेकर हर चेहरे पर गहरी चिंता साफ देखी जा सकती थी।

​21 सालों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं महाराज जी

​यह बात किसी से छिपी नहीं है कि प्रेमानंद महाराज जी का शरीर पिछले दो दशकों से भीषण शारीरिक कष्टों से गुजर रहा है। आश्रम प्रशासन की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, महाराज जी पिछले 21 सालों से किडनी (वृक्क) संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।

​उनकी दोनों किडनियां लंबे समय से काम नहीं कर रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, महाराज जी का जीवित रहना और इस अवस्था में भी समाज को अध्यात्म का मार्ग दिखाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। हालिया दिनों में शारीरिक कमजोरी और किडनी की समस्या बढ़ने के कारण डॉक्टरों की टीम ने उन्हें पूरी तरह से बेड रेस्ट (आराम) की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय उनके शरीर को आराम की सख्त जरूरत है और किसी भी तरह का संक्रमण उनके लिए घातक साबित हो सकता है।

​आवास पर ही होता है हफ्ते में डायलिसिस

​संत प्रेमानंद महाराज जी का जीवन जितना सरल है, उनका दैनिक संघर्ष उतना ही कठिन है। पिछले लगभग 20 वर्षों से उनका नियमित डायलिसिस किया जा रहा है। महाराज जी कहीं बाहर न जा सकें और भक्तों का तांता लगा रहता है, इसलिए डॉक्टरों की विशेष देखरेख में उनके निवास स्थान पर ही डायलिसिस की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

​इस डायलिसिस प्रक्रिया में हर बार 5 से 6 घंटे का लंबा समय लगता है। इस दौरान डॉक्टरों की एक पूरी टीम उनकी निगरानी करती है। पेट की गंभीर समस्याओं के कारण बहुत पहले ही उनकी दोनों किडनियां पूरी तरह खराब हो चुकी थीं, जिसके बाद से वे पूरी तरह मेडिकल सपोर्ट और अपनी आत्मशक्ति के बल पर चल रहे हैं।

​सोशल मीडिया के सबसे लोकप्रिय संत, दिग्गज भी नवाते हैं शीश

​प्रेमानंद महाराज जी की लोकप्रियता आज के दौर में किसी भी अन्य आध्यात्मिक गुरु से कहीं अधिक है। सोशल मीडिया पर उनके छोटे-छोटे प्रवचन और भक्तों के संशयों को दूर करने वाले वीडियोज करोड़ों की संख्या में देखे जाते हैं। उनके विचार युवाओं को भटकाव से बचाकर सही राह पर ला रहे हैं।

​उनकी इसी दिव्यता और बेबाक विचारों के कारण राजनेताओं से लेकर खेल और बॉलीवुड जगत की बड़ी-बड़ी हस्तियां उनके चरणों में शीश नवा चुकी हैं। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जैसी शख्सियतें भी वृंदावन आकर उनका आशीर्वाद ले चुकी हैं। वहीं, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भी कई बार महाराज जी के सत्संग में शामिल होने और उनका मार्गदर्शन लेने वृंदावन आ चुके हैं।

​: दुआओं का दौर जारी

​प्रेमानंद महाराज जी ने हमेशा अपने भक्तों को सिखाया है कि शरीर तो नश्वर है, लेकिन राधा नाम अमर है। आज जब उनका यही नश्वर शरीर बीमारी से जूझ रहा है, तो करोड़ों भक्तों का दिल बैठ गया है। आश्रम प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि अपने-अपने स्थानों पर रहकर महाराज जी के उत्तम स्वास्थ्य के लिए ‘राधा वल्लभ श्री हरिवंश’ का जाप करें। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद है कि महाराज जी जल्द ही स्वस्थ होकर दोबारा भक्तों को दर्शन देंगे।