तपती और झुलसाती गर्मी से परेशान देशवासियों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आधिकारिक तौर पर देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के आगमन की घोषणा कर दी है। केरल के तटों पर बादलों ने डेरा डाल दिया है और इसके साथ ही देश में चार महीने लंबे चलने वाले वर्षा ऋतु के मौसम का शंखनाद हो चुका है। हालांकि, इस साल मानसून अपने तय समय से महज तीन दिन की देरी से पहुंचा है, लेकिन इसकी रफ्तार को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह जल्द ही पूरे देश को सराबोर कर देगा।

​केरल और लक्षद्वीप में झमाझम बारिश, इन राज्यों की ओर बढ़ा मानसून

​मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने लक्षद्वीप द्वीप समूह, केरल और पुडुचेरी के अधिकांश हिस्सों को पूरी तरह से कवर कर लिया है। केरल के कई जिलों में बुधवार रात से ही रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है, जिससे वहां का मौसम बेहद सुहाना हो गया है।

​मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 48 से 72 घंटों में मानसून गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के बचे हुए इलाकों और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा देगा।

​उत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न: जून में भी बर्फ की चादर

​एक तरफ जहां दक्षिण भारत में मानसून की एंट्री हुई है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में कुदरत का अनोखा रंग देखने को मिल रहा है। जून के महीने में जहां मैदानी इलाकों में लोग छांव तलाशते हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी का दौर जारी है।

​प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रोहतांग दर्रा सहित लाहौल-स्पीति और धौलाधार की पहाड़ियों पर शाम के समय अचानक मौसम बदला और देखते ही देखते चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। बारालाचा, कुंजम, शिंकुला और सीबी रेंज में भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे मैदानी इलाकों से पहुंचे पर्यटक बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं।

​आईएमडी (IMD) का अलर्ट: अगले 3 दिन संभलकर रहें इन राज्यों के लोग

​मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए ‘वेदर अलर्ट’ जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों के भीतर उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है।

  • पहाड़ी क्षेत्र: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फरबाद में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की भी चेतावनी दी गई है।
  • मैदानी क्षेत्र: पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं (धूलभरी आंधी) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

​यूपी के ब्रज क्षेत्र में बदला मौसम, आगरा-मथुरा में गिरे ओले

​उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए भी बीता दिन राहत लेकर आया। ब्रज क्षेत्र समेत प्रदेश के कई जिलों में अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। ताजनगरी आगरा, मथुरा, कासगंज, एटा और मैनपुरी में हुई इस प्री-मानसून बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) से बड़ी राहत दी है। मथुरा के कुछ ग्रामीण इलाकों से ओले गिरने की भी खबरें आई हैं।

मौसम विभाग का अनुमान: मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी इन इलाकों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि, शनिवार से मौसम एक बार फिर साफ होने लगेगा और तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

​उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कब आएगा मानसून?

​अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों में मानसून की असली बौछारें कब पड़ेंगी? आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मानसून अमूमन पूर्वी हिस्से से प्रवेश करता है। उम्मीद जताई जा रही है कि 18 जून तक मानसून गोरखपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में एंट्री कर सकता है। इसके बाद जून के आखिरी हफ्ते या जुलाई के पहले सप्ताह तक इसके दिल्ली और पूरे उत्तर भारत को कवर करने की संभावना है।