
आगरा का दिल कहे जाने वाले और शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र संजय प्लेस में शुक्रवार की दोपहर उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब यहाँ स्थित स्काई टावर की एक मंजिल से आग की लपटें और काला धुआं उठने लगा। यह आग प्रसिद्ध कंप्यूटर एक्सेसरीज फर्म ‘एक्सट्रीम इन्फोटेक’ के गोदाम में लगी थी। देखते ही देखते धुएं के गुबार ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के व्यापारियों और ग्राहकों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
सौभाग्य से, दमकल विभाग की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के साहस के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक रूप से यह घाव बहुत गहरा है।
दोपहर 12:30 बजे का वो खौफनाक मंजर
संजय प्लेस में शुक्रवार की दोपहर सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल थी। लोग अपने कामों में व्यस्त थे कि अचानक दोपहर लगभग 12:30 बजे स्काई टावर कॉम्प्लेक्स की एक खिड़की से काला गाढ़ा धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धुआं इतना घना था कि कुछ ही मिनटों में पूरी सड़क पर अंधेरा छा गया। दहशत के मारे लोग इमारतों से बाहर निकल आए और हर तरफ अफरा-तफरी मच गई।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई: खिड़की के रास्ते दी दस्तक
घटना की सूचना मिलते ही आगरा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) देवेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में दमकल की दो गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाद में तीसरी गाड़ी भी बुलानी पड़ी।
चूंकि गोदाम के अंदर धुआं भर चुका था और गर्मी अत्यधिक थी, इसलिए दमकल कर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए सीढ़ियां लगाईं और खिड़की के शीशे तोड़कर अंदर प्रवेश किया। हाइड्रोलिक प्रेशर और पानी की बौछारों की मदद से लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। दमकल कर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई ने आग को पड़ोसी दुकानों और ऊपरी मंजिलों तक फैलने से रोक लिया, अन्यथा नुकसान का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता था।
एक्सट्रीम इन्फोटेक को भारी चपत: करोड़ों का स्टॉक राख
इस अग्निकांड में सबसे बड़ा नुकसान एक्सट्रीम इन्फोटेक के मालिक हरविंदर सिंह को हुआ है। जानकारी के अनुसार, इस गोदाम में भारी मात्रा में नए लैपटॉप, हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर हार्डवेयर और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज रखी हुई थीं।
संजय प्लेस व्यापार संगठन के अध्यक्ष धर्मेंद्र परमार ने बताया कि आग लगने के महज 10 मिनट के भीतर ही फायर ब्रिगेड ने मोर्चा संभाल लिया था, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक सामान होने के कारण आग बहुत तेजी से फैली। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, गोदाम में रखा करीब 80 से 90 लाख रुपये का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया है। दुकान मालिक हरविंदर सिंह इस भारी नुकसान से गहरे सदमे में हैं।
शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? क्या रही आग की वजह
शुरुआती जांच और दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। संजय प्लेस जैसे पुराने व्यावसायिक परिसरों में अक्सर तारों के जाल और ओवरलोडिंग के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि, विभाग ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या गोदाम में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपकरण (Fire Safety Equipment) मौजूद थे या नहीं।
संजय प्लेस: असुरक्षित होते व्यावसायिक परिसर?
आगरा का संजय प्लेस न केवल एक व्यापारिक केंद्र है, बल्कि यहाँ हजारों लोगों का रोजाना आना-जाना होता है। इस घटना ने एक बार फिर पुराने कॉम्प्लेक्सों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तंग गलियां, बेतरतीब बिजली के तार और पार्किंग की समस्या अक्सर दमकल की गाड़ियों के पहुंचने में बाधा बनती हैं। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को इन परिसरों का ‘फायर ऑडिट’ नियमित रूप से करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



