ताजनगरी आगरा से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अमूमन फिल्मों में दिखने वाले “खाओ, पियो और बिना बिल दिए खिसक लो” वाले सीन को कुछ युवकों ने असल जिंदगी में सच कर दिखाया है। मामला किसी साधारण ढाबे या छोटे-मोटे रेस्टोरेंट का नहीं, बल्कि आगरा के सबसे प्रतिष्ठित और बेहद सुरक्षित माने जाने वाले फाइव स्टार होटल ‘द ओबेरॉय अमरविलास’ का है।

​यहाँ के आलीशान रेस्तरां ‘बेलव्यू’ में चार युवक पहुंचे, उन्होंने जमकर लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया, जिसका कुल बिल 41,477 रुपये आया। लेकिन जब बिल चुकाने की बारी आई, तो चारों युवक होटल स्टाफ की आंखों में धूल झोंककर एक-एक करके रफूचक्कर हो गए। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के बाद होटल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है और मामला अब पुलिस के पास पहुंच चुका है।

​पहले से बुक थी टेबल, वीआईपी अंदाज में पहुंचे थे आरोपी

​यह पूरी घटना बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। आगरा फाइव स्टार होटल के अधिकारियों के मुताबिक, 5 मई को असद खान नाम के एक व्यक्ति ने होटल की बोर्ड लाइन पर कॉल करके 7 मई की रात के लिए डिनर टेबल बुक कराई थी।

​तय कार्यक्रम के अनुसार, 7 मई की रात करीब पौने नौ बजे असद खान अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ सफेद रंग की मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर कार (नंबर MP07 CD 5307) से होटल पहुंचा। उनकी रईसाना एंट्री को देखकर होटल स्टाफ को जरा भी अंदाजा नहीं था कि ये युवक किसी बड़ी धोखाधड़ी की नीयत से आए हैं।

​टेबल नंबर 1 पर जमाई महफिल, फिर ऐसे दिया चकमा

​होटल स्टाफ ने चारों मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें रेस्तरां की वीआईपी ‘टेबल नंबर 1’ पर बैठाया। चारों युवकों ने मेन्यू देखकर कई महंगे और लजीज व्यंजनों का ऑर्डर दिया। देर रात तक उनकी महफिल सजी रही।

​असली ड्रामा खाना खत्म होने के बाद शुरू हुआ। रात के करीब 12 बज चुके थे। योजना के तहत, असद खान के साथ आए तीनों युवक पहले चुपचाप रेस्तरां से उठे और बाहर निकल गए। वे सीधे होटल की पार्किंग में गए और वहां से कार लेकर रफूचक्कर हो गए।

​स्मोकिंग का बहाना बनाकर मुख्य आरोपी भी हुआ चंपत

​जब तीन साथी निकल गए, तो मुख्य आरोपी असद खान टेबल पर अकेला बचा था। इसके करीब 10 मिनट बाद, उसने होटल स्टाफ से कहा कि वह सिगरेट पीने (धूम्रपान करने) के लिए बाहर जा रहा है। स्टाफ ने हमेशा की तरह मेहमान की बात पर भरोसा कर लिया।

​लेकिन असद खान रेस्तरां से बाहर निकलने के बाद सीधे होटल परिसर से ही बाहर भाग गया और अपने साथियों के साथ कार में बैठकर फरार हो गया। जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा, तो होटल कर्मचारियों के कान खड़े हुए।

​41,477 रुपये का बिल और ग्वालियर से जुड़ा कार का कनेक्शन

​होटल के कर्मचारियों ने असद खान को पूरे परिसर में ढूंढा, वॉशरुम से लेकर लॉबी तक खाक छानी, लेकिन उसका कहीं कोई अता-पता नहीं चला। जब रेस्तरां का बिल चेक किया गया, तो वह कुल 41,477.49 रुपये का था।

ओबेरॉय अमरविलास धोखाधड़ी की इस वारदात के बाद होटल के एचआर एंड सिक्योरिटी मैनेजर रोबिन भारद्वाज ने तुरंत असद खान के दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह नंबर बंद या अनुत्तरदायी मिला। इसके बाद जब उस कार के नंबर की जांच की गई जिससे आरोपी आए थे, तो पता चला कि वह गाड़ी मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली ‘मालती आदिवासी’ के नाम पर रजिस्टर्ड है।

​ताजगंज थाने में मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी आगरा पुलिस

​फाइव स्टार होटल को इस तरह चूना लगाए जाने की खबर मिलते ही आगरा पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। होटल के सिक्योरिटी मैनेजर की तहरीर पर थाना ताजगंज में चारों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और ग्वालियर पुलिस से भी संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है ताकि कार के मालिक के जरिए आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

​इस घटना ने फाइव स्टार होटलों की सुरक्षा व्यवस्था और उनकी बिलिंग प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे कोई इतना बड़ा बिल पेंडिंग छोड़कर आसानी से परिसर से बाहर निकल सकता है।