आगरा। ताजनगरी के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र से शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के फाउंड्री नगर स्थित गणेश नगर इलाके में एक मकान में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग की तपिश के कारण घर में रखे दो रसोई गैस सिलेंडर एक के बाद एक जोरदार धमाकों के साथ फट गए। धमाके इतने तेज थे कि उनकी गूंज दूर-तक सुनाई दी और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

​गनीमत यह रही कि समय रहते परिवार के सदस्यों ने सूझबूझ दिखाई और घर से बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से बच गया।

​देखते ही देखते राख का ढेर बना आशियाना

​घटना शनिवार दोपहर की है, जब गणेश नगर निवासी देवेंद्र कुमार का परिवार अपने घर में मौजूद था। चश्मदीदों के मुताबिक, घर के एक हिस्से से अचानक धुआं उठते देखा गया। जब तक परिवार कुछ समझ पाता, आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग पूरे घर में फैल गई और कीमती सामान, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर राख होने लगे।

​देवेंद्र कुमार ने बताया कि जैसे ही उन्हें आग का अहसास हुआ, उन्होंने बिना देर किए घर के सभी सदस्यों को बाहर निकलने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। परिवार के सदस्य बदहवास होकर घर से बाहर की ओर भागे। उनके बाहर निकलते ही कुछ ही मिनटों में पूरा घर आग के गोले में तब्दील हो चुका था।

​धमाकों से कांपा इलाका: बम की तरह फटे सिलेंडर

​जब आग घर की रसोई तक पहुँची, तो वहाँ रखे दो रसोई गैस सिलेंडरों ने आग पकड़ ली। आग की गर्मी से सिलेंडरों के अंदर दबाव इतना बढ़ गया कि वे बम की तरह फट गए। पहला धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। सिलेंडर फटने से मकान की एक दीवार और छत का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

​मलबे के टुकड़े हवा में उछलकर दूर तक जा गिरे, जिससे पड़ोस के लोग भी अपनी जान बचाने के लिए सड़कों पर आ गए। धमाके की आवाज सुनकर इलाके में चीख-पुकार मच गई और लोगों को लगा कि शायद कोई बड़ा विस्फोट हुआ है।

​फायर ब्रिगेड की घंटों की मशक्कत और स्थानीय लोगों की मदद

​हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। संकरी गलियां होने के कारण दमकल कर्मियों को शुरुआत में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन फायर ब्रिगेड की टीम ने अदम्य साहस दिखाते हुए मोर्चा संभाला।

​स्थानीय युवाओं ने भी बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने में मदद की। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया और इसे पड़ोस के अन्य घरों में फैलने से रोका। हालांकि, जब तक आग बुझती, तब तक देवेंद्र कुमार के घर में रखा अधिकांश सामान जलकर कोयला हो चुका था।

​शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? पुलिस कर रही जांच

​दमकल विभाग और पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आशंका है कि बिजली के बोर्ड में हुई स्पार्किंग ने पास में रखे ज्वलनशील सामान को पकड़ लिया और आग फैलती चली गई।

​ट्रांस यमुना थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या घर में कोई अन्य ज्वलनशील पदार्थ रखा था जिसने आग को इतना भयावह बनाया। विभाग ने लोगों से अपील की है कि गर्मियों के मौसम में बिजली के उपकरणों और वायरिंग की जांच नियमित रूप से करवाते रहें।

​बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां

​इस घटना ने एक बार फिर घर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है:

हवादार रसोई: सुनिश्चित करें कि रसोई में वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था हो।

पुराणी वायरिंग बदलें: अगर घर की वायरिंग पुरानी है, तो उसे तुरंत बदलें क्योंकि लोड बढ़ने पर शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है।

गैस रेगुलेटर: रात को सोने से पहले या बाहर जाते समय गैस सिलेंडर का रेगुलेटर हमेशा बंद रखें।

फायर एक्सटिंग्विशर: संभव हो तो घर में एक छोटा अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) जरूर रखें।