आगरा : ताजनगरी के प्रतिष्ठित स्कूलों में शुमार दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह शिक्षा नहीं, बल्कि छात्रों के बीच बढ़ता ‘एग्रेशन’ है। अभी शास्त्रीपुरम परिसर में छात्र के दांत तोड़ने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक और छात्र द्वारा अपने पुराने साथी को गंभीर धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल अभिभावकों को डरा दिया है, बल्कि शहर के बुद्धिजीवी वर्ग को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

​इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू हुआ विवाद और ‘डिप्रेशन’ तक पहुंची बात

​ताजा मामला ताज प्रेस क्लब के सचिव और वरिष्ठ पत्रकार पियूष शर्मा के पुत्र से जुड़ा है। पियूष शर्मा का बेटा सेंट पॉल्स स्कूल में कक्षा आठ का छात्र है। वहीं, आरोपी छात्र पिछले साल तक उसी के साथ पढ़ता था, लेकिन अब उसने दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में दाखिला ले लिया है।

​दोनों के बीच विवाद की जड़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ बनी। बताया जा रहा है कि एक पोस्ट पर हुई मामूली कहासुनी ने इतना तूल पकड़ लिया कि डीपीएस के छात्र ने पियूष के बेटे को बेहद खतरनाक और जानलेवा धमकी दे डाली। यह धमकी इतनी गंभीर थी कि मासूम छात्र गहरे अवसाद (Depression) में चला गया। जब पिता को इस बात का अहसास हुआ, तब जाकर मामले की गंभीरता परत-दर-परत खुली।

​प्रेस क्लब की सक्रियता और पुलिस का दखल

​जैसे ही यह खबर शहर के पत्रकारिता जगत में फैली, आक्रोश की लहर दौड़ गई। ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने तुरंत इस मामले को संज्ञान में लिया और डीसीपी सिटी से संपर्क कर उन्हें घटना की संवेदनशीलता से अवगत कराया। पियूष शर्मा ने थाना शाहगंज में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को थाने बुलाया।

​प्रेस क्लब के पदाधिकारियों का कहना था कि बच्चों के बीच इस तरह की हिंसक भाषा और प्रवृत्तियां समाज के लिए खतरे की घंटी हैं।

​थाने में हुआ समझौता: पिता की माफी और बेटे को सुधारने का संकल्प

​मंगलवार को थाना शाहगंज में दोनों पक्षों के बीच घंटों बातचीत हुई। माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन आरोपी छात्र के पिता ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बीच-बचाव किया। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके बेटे का व्यवहार अनुचित था और इसके लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से पियूष शर्मा से माफी मांगी।

​उन्होंने पुलिस और शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया कि वे भविष्य में अपने बच्चे की गतिविधियों और उसके व्यवहार पर कड़ी नजर रखेंगे। पियूष शर्मा ने भी मामले की संवेदनशीलता और बच्चों के भविष्य को देखते हुए उदारता दिखाई और लिखित माफीनामे के बाद अपनी शिकायत वापस ले ली। इस तरह, कानूनी कार्रवाई के बजाय मामला आपसी सहमति से सुलझ गया।

​शास्त्रीपुरम परिसर की घटना के बाद गहराया डर

​गौरतलब है कि ठीक तीन दिन पहले डीपीएस शास्त्रीपुरम परिसर में एक खौफनाक मंजर देखने को मिला था, जहाँ एक छात्र ने अपने ही सहपाठी के चार दांत तोड़ दिए थे। वह घायल बच्चा आज भी अस्पताल और डॉक्टरों के चक्कर काट रहा है। एक के बाद एक डीपीएस से जुड़े इन दो मामलों ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

​अभिभावकों का तर्क है कि अगर स्कूल परिसर और बाहर छात्र इतने हिंसक हो रहे हैं, तो इसके लिए कहीं न कहीं स्कूल प्रबंधन की ढिलाई भी जिम्मेदार है।

​क्या हमारी शिक्षा प्रणाली और संस्कार फेल हो रहे हैं?

​इन दोनों घटनाओं ने समाज के सामने एक ज्वलंत प्रश्न खड़ा कर दिया है। क्या हम अपनी नई पीढ़ी को केवल किताबी ज्ञान दे रहे हैं? इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में बच्चे जिस तरह की भाषा और धमकियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह किसी प्रोफेशनल अपराधी से कम नहीं लगती।

​मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चों में बढ़ता यह आक्रोश केवल उनके व्यक्तिगत व्यवहार का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके पीछे परिवार में समय की कमी, सोशल मीडिया का अनियंत्रित उपयोग और स्कूलों में नैतिक शिक्षा का अभाव जैसे कई कारण छिपे हैं। जब एक पिता को अपने बेटे की गलती के लिए थाने में हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ती है, तो यह उस बच्चे के लिए भी एक सबक है, लेकिन क्या यह सबक लंबे समय तक काम करेगा?

निष्कर्ष (Conclusion)

​आगरा की ये घटनाएं महज दो बच्चों का झगड़ा नहीं हैं, बल्कि यह हमारे बदलते सामाजिक ताने-बाने का आईना हैं। स्कूलों को अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनानी होगी और अभिभावकों को अपने बच्चों के डिजिटल फुटप्रिंट्स (Digital Footprints) पर नजर रखनी होगी। समझौता भले ही थाने में हो गया हो, लेकिन उन घावों का क्या जो मानसिक रूप से उस बच्चे को मिले जिसे धमकी दी गई थी?

पाठकों के लिए एक सवाल:

क्या आपको लगता है कि बच्चों के ऐसे हिंसक व्यवहार के लिए केवल इंटरनेट जिम्मेदार है, या स्कूल और माता-पिता की निगरानी में भी बड़ी चूक हो रही है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।