उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानों के तीर एक बार फिर तेज हो गए हैं। आगरा पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा संतों से मुलाकात और उनके सम्मान किए जाने को डिप्टी सीएम ने ‘ढोंग’ और ‘नौटंकी’ करार दिया है। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटते हुए याद दिलाया कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब संतों और भक्तों के साथ कैसा व्यवहार किया गया था।

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​ताज नगरी के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित सिटी सभागार में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य के तेवर पूरी तरह चुनावी और आक्रामक नजर आए। आइए जानते हैं कि डिप्टी सीएम ने सपा के इस नए ‘संत प्रेम’ पर और क्या-क्या कहा।

​’जब सत्ता थी, तब रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं’

​केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से मुखातिब होते हुए सपा के इतिहास पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “सपा का इतिहास हम और आप सभी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। यह पार्टी हमेशा से संतों और भक्तों, दोनों का अपमान करती आई है। आज जो लोग संतों के गले में माला डाल रहे हैं, जब उनके पास सत्ता की चाबी थी, तब उन्होंने रामभक्तों पर लाठीचार्ज करवाया था और मासूम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं।”

​डिप्टी सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि आज जो सम्मान करने की तस्वीरें सामने आ रही हैं, वह दिल से नहीं बल्कि सियासी फायदे के लिए किया जा रहा एक ढोंग है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता इतनी नासमझ नहीं है कि वह अतीत के इन जख्मों को भूल जाए।

​अखिलेश-डिंपल की शंकराचार्य से मुलाकात पर सियासी घमासान

​दरअसल, यह पूरा विवाद हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव की एक मुलाकात के बाद शुरू हुआ। दोनों नेताओं ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया था और उनका भव्य स्वागत किया था। इसी मुलाकात को लेकर जब आगरा में पत्रकारों ने उपमुख्यमंत्री से सवाल पूछा, तो उन्होंने सपा को आड़े हाथों ले लिया।

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी इन दिनों अपनी ‘मुस्लिम-यादव’ (MY) छवि से आगे बढ़कर ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ-साथ सनातनी मतदाताओं को भी साधने की कोशिश कर रही है। डिप्टी सीएम का यह बयान इसी कोशिश पर पानी फेरने और भाजपा के कोर एजेंडे को मजबूत करने की कवायद माना जा रहा है।

​विवादित सवालों से बनाई दूरी, पूछा- ‘और कोई सवाल नहीं है क्या?’

​कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय थोड़ा असहज हो गया जब मीडिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और हाल ही में भाजपा के लिए इस्तेमाल की गई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जैसी विवादित टिप्पणी पर डिप्टी सीएम की प्रतिक्रिया जाननी चाही।

​इस सवाल को सुनते ही केशव प्रसाद मौर्य ने इस पर कोई भी तीखी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में सवाल को टालते हुए पत्रकारों से कहा, “और कोई सवाल नहीं है क्या?” इसके तुरंत बाद वह अगले प्रश्न की ओर बढ़ गए, जिससे साफ था कि वह इस विवाद को और तूल देकर मुख्य मुद्दों से ध्यान नहीं भटकाना चाहते थे।

​’मीडिया लोकतंत्र की प्राणवायु है’

​विवादों और राजनीतिक बयानों से इतर, केशव प्रसाद मौर्य ने नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया और यूजीआई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के महत्व पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने देश के विकास और लोकतंत्र की रक्षा में मीडिया की भूमिका को सराहा।

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​”मीडिया लोकतंत्र की प्राणवायु है। यदि इस प्राणवायु को किसी भी तरह से रोकने या दबाने का प्रयास किया जाएगा, तो हमारा लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। हमारी सरकार लोकतंत्र के इस चौथे स्तंभ को सुरक्षित और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।”

केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री (यूपी)

​पीएम मोदी के ऐतिहासिक कीर्तिमान पर दी बधाई

​अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के नए कीर्तिमान स्थापित करने पर पीएम मोदी को बधाई दी। मौर्य ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ भाजपा के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में आज भारत वैश्विक पटल पर लगातार आगे बढ़ रहा है और हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है