
आगरा। ताजनगरी के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। अब आपको अपनी और अपने परिवार की जानकारी देने के लिए जनगणना कर्मी के घर आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाते हुए आगरा प्रशासन ने ‘डिजिटल जनगणना’ की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) अभियान का विधिवत उद्घाटन किया।

यह पहल जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत शुरू की गई है, जो न केवल प्रशासनिक काम को आसान बनाएगी बल्कि डेटा की सटीकता को भी नए स्तर पर ले जाएगी।
डिजिटल जनगणना: कागजों से पोर्टल तक का सफर
आगरा में इस अभियान की शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जिले के आला अधिकारियों को विस्तृत ट्रेनिंग दी। उन्होंने बताया कि किस तरह तकनीक का उपयोग कर आम नागरिक बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे, अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर से परिवार का विवरण दर्ज कर सकते हैं।

डीएम ने कार्यक्रम के दौरान कहा, “यह केवल एक सरकारी आंकड़ा जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं का आधार है। स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल और पूरी तरह सुरक्षित है, जिससे लोगों की निजता का भी पूरा ख्याल रखा गया है।”
21 मई तक का समय: कैसे करें ऑनलाइन पंजीकरण?
उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ चरण के तहत ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in को लाइव कर दिया गया है। आगरा के नागरिक 21 मई 2026 तक इस पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
स्व-गणना की प्रक्रिया
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाएं।
- अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी (OTP) के जरिए लॉग-इन करें।
- पोर्टल पर मांगे गए मकान और परिवार के सदस्यों के विवरण को ध्यानपूर्वक भरें।
- जानकारी सबमिट करने के बाद आपको एक यूनिक SEID (Self Enumeration ID) प्राप्त होगी।
नगर जनगणना अधिकारी एवं अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने स्पष्ट किया कि यह SEID नंबर भविष्य के सत्यापन के लिए अनिवार्य होगा। जब गणनाकर्मी फील्ड वेरिफिकेशन के लिए आएंगे, तो आपको बस यह आईडी दिखानी होगी।
आंकड़ों में आएगी पारदर्शिता और सटीकता
अक्सर पारंपरिक जनगणना में यह शिकायत रहती थी कि स्पेलिंग की गलतियां या जानकारी छूट जाने से डेटा सही नहीं मिल पाता था। डीएम मनीष बंसल ने जोर दिया कि जब नागरिक खुद अपनी जानकारी भरेंगे, तो त्रुटियों की संभावना न्यूनतम होगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में पारदर्शिता आएगी।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को केवल कलेक्ट्रेट तक सीमित न रखा जाए। गांव-गांव और वार्ड स्तर पर मुनादी और प्रचार-प्रसार के जरिए लोगों को जागरूक किया जाए ताकि ‘जन-भागीदारी’ से यह मिशन सफल हो सके।
डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ी छलांग
आगरा प्रशासन की यह पहल राज्य में डिजिटल गवर्नेंस का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। जनगणना कर्मी के घर आने पर कई बार लोग काम या निजी व्यस्तता के कारण उपलब्ध नहीं होते थे, जिससे प्रक्रिया में देरी होती थी। अब ‘स्व-गणना’ के माध्यम से नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार जानकारी साझा कर सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर पाएंगे, उनके लिए पारंपरिक जनगणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, लेकिन आधुनिक और शिक्षित समाज के रूप में ‘स्व-गणना’ को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।




