
आगरा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। ताजनगरी आगरा में इस बार सफलता की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि अभावों के बीच भी सपनों की फसल लहलहा सकती है। आगरा के ‘श्रीमती भगवती देवी जैन कन्या इंटर कॉलेज’ की छात्रा काजल कुमारी ने 94.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले की मेरिट लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया है।
काजल की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि उनके पिता पेशे से एक पेंटर हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद काजल की कड़ी मेहनत ने आज उन्हें पूरे जिले का गौरव बना दिया है।
मेहनत की चमक: काजल के घर में खुशी का माहौल
जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ और काजल के टॉपर बनने की खबर मिली, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। काजल के पिता, जो दिन-भर मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। काजल की मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। काजल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता के निरंतर सहयोग को दिया है। काजल का कहना है कि उन्होंने नियमित पढ़ाई और एकाग्रता को अपना मूल मंत्र बनाया।
दूसरे नंबर पर रहीं अंजलि, टॉप 10 में बेटियों का दबदबा
आगरा की जिला मेरिट लिस्ट में दूसरे स्थान पर श्री नारायण इंटर कॉलेज, जऊपुरा की अंजलि रही हैं, जिन्होंने 93.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं, तीसरे स्थान पर गणपति विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के जतिन कुमार ने 92.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
आगरा के टॉपर्स की सूची (Top 10) इस प्रकार है:
| रैंक | विद्यार्थी का नाम | प्रतिशत (%) | स्कूल/कॉलेज का नाम |
|---|---|---|---|
| 1 | काजल कुमारी | 94.80 | श्रीमती बी.डी. जैन कन्या इंटर कॉलेज, आगरा |
| 2 | अंजलि | 93.80 | श्री नारायण इंटर कॉलेज, जऊपुरा |
| 3 | जतिन कुमार | 92.40 | गणपति विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आगरा |
| 4 | सपना | 91.80 | एस.बी. देवी कन्या इंटर कॉलेज, नगला देवहंस |
| 5 | राधिका | 91.60 | एस.एम. इंटर कॉलेज, फतेहाबाद |
| 6 | अभय प्रताप सिंह | 91.20 | एस.बी. देवी कन्या इंटर कॉलेज, नगला देवहंस |
| 6 | आराध्या वर्मा | 91.20 | एस.बी. देवी कन्या इंटर कॉलेज, नगला देवहंस |
| 7 | खुशी जैन | 90.80 | एस.एस.डी.जी. महाराज इंटर कॉलेज, डौकी |
| 8 | गगन शर्मा | 90.60 | गणपति विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आगरा |
आगरा के रिजल्ट में सुधार: 33वें स्थान पर रहा जिला
इस वर्ष आगरा जिले का प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- कुल पंजीकृत परीक्षार्थी: 61,689
- परीक्षा में शामिल छात्र: 60,456
- उत्तीर्ण छात्र: 50,099
- कुल पास प्रतिशत: 83.01%
गौरतलब है कि पिछले साल आगरा का उत्तीर्ण प्रतिशत 76.47 था, जिसमें इस बार बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। प्रदेश की रैंकिंग में आगरा 33वें स्थान पर रहा है।
जेल की सलाखों के पीछे भी शिक्षा की गूंज
शिक्षा का महत्व जेल की दीवारों को भी भेद गया है। इस वर्ष आगरा जेल में बंद 17 कैदियों ने इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी, जिनमें से 15 बंदियों ने सफलतापूर्वक परीक्षा पास की है। जेल का रिजल्ट 88 प्रतिशत रहा, जो यह दर्शाता है कि सुधार गृहों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
फेल हुए छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं: मिलेगा कंपार्टमेंट का मौका
जो छात्र एक या दो विषयों में सफल नहीं हो पाए हैं, उनके लिए यूपी बोर्ड ने ‘कंपार्टमेंट’ परीक्षा की सुविधा दी है।
- कंपार्टमेंट आवेदन: जल्द ही UPMSP की आधिकारिक वेबसाइट पर कंपार्टमेंट परीक्षा के फॉर्म जारी किए जाएंगे। इससे छात्रों का एक साल बर्बाद होने से बच जाएगा।
- स्क्रूटिनी (पुनर्मूल्यांकन): यदि कोई छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है, तो वह अपनी कॉपी की दोबारा जांच के लिए स्क्रूटिनी का आवेदन कर सकता है।
डिजिटल हुई मार्कशीट: डिजिलॉकर पर मिलेगी सुविधा
आधुनिकता की ओर कदम बढ़ाते हुए बोर्ड ने व्यवस्था की है कि रिजल्ट के तुरंत बाद छात्र अपनी मार्कशीट डिजिलॉकर (DigiLocker) से डाउनलोड कर सकते हैं। यह डिजिटल मार्कशीट हर जगह मान्य होगी। बाद में स्कूलों के माध्यम से छात्रों को उनकी ओरिजिनल हार्ड कॉपी प्रदान की जाएगी।
निष्कर्ष
आगरा का इंटरमीडिएट रिजल्ट न केवल शैक्षणिक प्रगति को दर्शाता है, बल्कि काजल जैसी बेटियों की संघर्षगाथा समाज को प्रेरित भी करती है। जिले के औसत परिणाम में करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि यह बताती है कि शिक्षा के प्रति शासन और प्रशासन के प्रयास रंग ला रहे हैं।



