आगरा। ताजनगरी के थाना ताजगंज क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खुशियों की शहनाइयां अभी शांत भी नहीं हुई थीं कि एक घर का आंगन मातम में बदल गया। महज 38 दिन पहले जिस बेटी को पिता ने बड़े अरमानों के साथ विदा किया था, शुक्रवार को उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। मृतका के परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है।

​मायके से विदा होकर आई थी, 5 दिन बाद मिली मौत

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​मृतका मोनिका (19 वर्ष) की शादी बीते 4 फरवरी को ताजगंज के खिन्नी का बाग निवासी नितिन ओझा के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल में कलह शुरू हो गई थी। विवाद इतना बढ़ा कि मोनिका 10 दिन पहले अपने मायके (मलपुरा) चली आई थी। लेकिन किसे पता था कि यह उसकी अपने माता-पिता से आखिरी मुलाकात होगी।

​पांच दिन पहले सोमवार को पति नितिन मायके पहुँचा और काफी कहा-सुनी के बाद दबाव बनाकर मोनिका को वापस ले आया। परिजनों का कहना है कि ससुराल पहुँचते ही मोनिका पर पाबंदियां बढ़ा दी गईं। उसका मोबाइल छीन लिया गया और उसे केवल तभी बात करने दी जाती थी जब पति या ससुराल वाले पास मौजूद हों।

​घटनास्थल की तस्वीरों ने खड़े किए बड़े सवाल

​मोनिका के भाई सूरज ने घटनास्थल की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सूरज के मुताबिक, उन्हें जो तस्वीरें मिली हैं, उनमें मोनिका का शव जिस तरह फंदे से लटका था, वह सामान्य आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करता। सूरज ने बताया, “बहन का एक पैर पलंग पर था और दूसरा मुड़ा हुआ कुर्सी पर टिका था। अगर कोई फंदे पर लटकता है, तो उसके पैर हवा में होते हैं। यहाँ स्थिति पूरी तरह संदेहास्पद है। हमें पूरा यकीन है कि उसे मारकर लटकाया गया है।”

​झूठ की बुनियाद पर टिका था रिश्ता?

​परिजनों ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। शादी तय होते समय नितिन के परिवार ने दावा किया था कि वह एक मेडिकल स्टोर पर नौकरी करता है और कंपाउंडर का काम जानता है। बेटी के सुखद भविष्य की चाह में पिता रमेश चंद्र शर्मा ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया। लेकिन शादी के बाद पता चला कि नितिन ने सिर्फ रिश्ता पक्का करने के लिए कुछ समय की नौकरी का नाटक किया था और शादी होते ही काम छोड़ दिया था। बेरोजगार पति और ससुराल वालों की बढ़ती मांगों ने मोनिका का जीना दूभर कर दिया था।

​पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार

​शुक्रवार को जब मोनिका के ससुर ने उसके मौसा को फोन कर ‘काम खराब होने’ की सूचना दी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। कुछ ही देर बाद दामाद ने फोन कर बताया कि मोनिका ने आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

​पुलिस ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया है। फिलहाल पति नितिन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ताजगंज थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​आगरा की यह घटना समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है जहाँ आज भी बेटियां शादी के कुछ दिनों बाद ही ‘बलि’ चढ़ा दी जाती हैं। चाहे वह दहेज का लालच हो या आपसी तालमेल की कमी, एक 19 साल की युवती की जिंदगी का इस तरह खत्म होना कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

पाठकों के लिए सवाल: क्या आपको लगता है कि वैवाहिक विवादों में पुलिस और समाज को शुरुआती हस्तक्षेप बढ़ा देना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।