आगरा | ​आज के दौर में जब दुनिया तेजी से बदल रही है, युवा केवल नौकरी पाने वाले ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले (Job Creators) बनने का सपना देख रहे हैं। इसी सोच को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से, आगरा के ऐतिहासिक आगरा कॉलेज के वाणिज्य संकाय (Faculty of Commerce) में एक दिवसीय ‘उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम’ (EAP) का भव्य आयोजन किया गया। संस्थान के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के भीतर छिपे भविष्य के उद्यमियों को एक नई दिशा दिखाने का काम किया।

​आत्मनिर्भर भारत की ओर एक मजबूत कदम

​यह कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम के कुशल निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मूल मंत्र विद्यार्थियों में ‘उद्यमिता’ की भावना को जगाना था। प्रो. गौतम ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल का होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी तभी संभव है, जब वे स्वरोजगार के अवसरों को पहचानें और उन्हें भुनाना सीखें।

​विशेषज्ञों ने साझा किए सफलता के मंत्र

​कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता MSME-CFTI के सहयोग से आए प्रख्यात प्रशिक्षकों की मौजूदगी रही। इन विशेषज्ञों ने छात्रों को जमीन से जुड़कर व्यापार शुरू करने की बारीकियां समझाईं:

  • श्री बी. के. सुर्तेल (उद्योग अधिकारी, DIC): उन्होंने उद्योग स्थापना की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।
  • श्री रामेन्द्र शर्मा (सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक): उन्होंने बैंकिंग सेक्टर से मिलने वाले ऋण और पूंजी प्रबंधन के व्यावहारिक गुर सिखाए।
  • श्री रूपल गर्ग (चार्टर्ड अकाउंटेंट): जीएसटी, टैक्स और वित्तीय अनुशासन जैसे गंभीर विषयों को उन्होंने बहुत ही सरल भाषा में छात्रों के सामने रखा।
  • श्री रसिक बिहारी (मैनेजमेंट कंसल्टेंट): उन्होंने बाजार की मांग को समझने और स्टार्टअप को ब्रांड बनाने की रणनीतियां साझा कीं।

​जिज्ञासा और ज्ञान का अनूठा संगम

​कार्यक्रम के समन्वयक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में पूरा आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित रहा। सेमिनार के दौरान यह केवल एकतरफा संवाद नहीं था; विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में विशेषज्ञों से सवाल पूछे। स्टार्टअप की फंडिंग से लेकर सरकारी सब्सिडी तक, छात्रों की हर जिज्ञासा का समाधान किया गया। इस अवसर पर MSME से संबंधित विशेष बुकलेट्स भी वितरित की गईं, जो छात्रों के लिए भविष्य में एक ‘गाइड’ की तरह काम करेंगी।

​वाणिज्य संकाय की गरिमामयी उपस्थिति

​कार्यक्रम के अंत में डॉ. अश्वनी शर्मा (हेड/इंचार्ज, वाणिज्य संकाय) ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वाणिज्य विभाग का लक्ष्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है।

​इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ शिक्षकगण— डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. पुनीत, डॉ. पुनीत मिश्रा, प्रो. आदेश तिवारी, डॉ. सतीश निगम, डॉ. रुपेश दीक्षित, डॉ. ज्योत्सना गोर, डॉ. नीरज मनचंदा एवं डॉ. अनिल कुमार सिंह— उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में माना कि ऐसे आयोजन छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।