
शहरी क्षेत्रों में धीमी प्रगति पर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जताई नाराजगी, बोले- SIR का काम है सर्वोच्च प्राथमिकता
आगरा, आगरा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों की रेजिडेंशियल सोसायटियों और गेट बंद कॉलोनियों में सहयोग न मिलने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
डीएम ने पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में ‘फॉर्म संकलन’ की गति काफी धीमी है। इसका मुख्य कारण यह है कि बीएलओ (Booth Level Officer) और सुपरवाइजरों को डोर-टू-डोर जाने पर भी लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं और उन्हें दरवाज़े से ही लौटा दिया जा रहा है।
इन सोसायटियों में मिल रही असहयोग की शिकायतें
डीएम कार्यालय को छावनी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली कई प्रमुख सोसायटियों और कॉलोनियों से असहयोग की शिकायतें मिली हैं, जिनमें पार्श्वनाथ पंचवटी, शंकर ग्रीन, एडीए हाईट्स, पार्श्वनाथ प्रेरणा, ताजनगरी फेस-1, फेस-2 आदि शामिल हैं। यही स्थिति उत्तर और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की मल्टीस्टोरी इमारतों और गेट बंद कॉलोनियों में भी देखी गई है।
सहयोग न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने रेजिडेंशियल सोसायटियों के प्रबंधनों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे बीएलओ और सुपरवाइजर को फॉर्म संकलन में तत्काल सहयोग करें।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “SIR का काम सर्वोच्च प्राथमिकता का है। यदि शिकायत मिलती है कि कोई भी व्यक्ति या सोसायटी प्रबंधन इस कार्य में बाधा डाल रहा है या सहयोग नहीं कर रहा है, तो ऐसे लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“डीएम की अपील: तुरंत गणना पत्र जमा कराएं
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि सभी मतदाता अपने ‘गणना पत्र’ (Voter Enumeration Form) तत्काल भरकर बीएलओ को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जिनका गणना पत्र बीएलओ को प्राप्त हो जाएगा, उनका नाम ही मतदाता सूची के ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा, डीएम ने कम प्रगति वाले बूथों पर जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को पर्यवेक्षण करने और डोर-टू-डोर नॉक करके फॉर्म को अपने समक्ष भरवाकर, उसका डिजिटाइज़ेशन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।




