ट्रकों और अन्य वाहनों के लिए बड़ा बदलाव; 400 करोड़ की लागत से बना 14 KM लंबा बाईपास देगा राहत

आगरा शहर के निवासियों और यहाँ से गुजरने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर है! दिल्ली-मथुरा की ओर से आने वाले और हाथरस-अलीगढ़ जाने वाले वाहनों को अब शहर के बीचो-बीच ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। मंगलवार से उत्तरी बाईपास (Northern Bypass) को आधिकारिक तौर पर खोल दिया गया है। हालाँकि इसका औपचारिक उद्घाटन 5 दिसंबर को होगा, लेकिन इसे शुरू किए जाने से आगरा की सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।

समय की बचत: एक घंटे का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में

यह नया बाईपास, जो मथुरा-आगरा रोड पर रैपुरा जाट से शुरू होता है, सफर के समय में जबरदस्त कटौती करेगा।

पुराना रूट: पहले, दिल्ली-मथुरा की तरफ से आने वाले ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को हाथरस-अलीगढ़ जाने के लिए आगरा शहर के अंदर से गुजरना पड़ता था। इस रूट में सिकंदरा, भगवान टॉकीज, वाटरवर्क्स और टेढ़ी बगिया जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल थे। जाम के कारण रैपुरा जाट से खंदौली तक पहुँचने में लगभग एक घंटा लग जाता था।

नया बाईपास रूट: अब 14 किलोमीटर लंबा यह बाईपास रैपुरा जाट से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेस-वे पर मिडावली (सादाबाद) में चैनल नंबर 141 पर मिलेगा। यात्री मिडावली से यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से केवल 15 मिनट में खंदौली कट तक पहुँच सकेंगे।

इतना ही नहीं, इस बाईपास के इस्तेमाल से सादाबाद और हाथरस तक का सफर भी अब केवल 25 मिनट में पूरा हो जाएगा।

परियोजना की लागत और समयरेखा

इस महत्वपूर्ण परियोजना पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

उत्तरी बाईपास का निर्माण कार्य साल 2022 में शुरू किया गया था। सिर्फ तीन साल के रिकॉर्ड समय में 14 किलोमीटर लंबे इस बाईपास को पूरा किया गया है।

ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद

उत्तरी बाईपास के शुरू होने से न केवल लॉजिस्टिक्स (परिवहन) उद्योग को फायदा होगा, बल्कि आगरा के निवासियों को भी शहर की अंदरूनी सड़कों पर जाम से बड़ी राहत मिलेगी। यह बाईपास आगरा शहर को एक बेहतर और सुगम यातायात व्यवस्था की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।