साइबर सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा कदम: 90 दिन में सभी हैंडसेट में ऐप प्री-इंस्टॉल करने का निर्देश, डिलीट करना होगा नामुमकिन

भारत में स्मार्टफोन यूज़र्स की साइबर सुरक्षा (Cyber Security) को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे देश में बिकने वाले हर नए हैंडसेट में सरकार के आधिकारिक साइबर सुरक्षा ऐप ‘संचार साथी (Sanchar Saathi)‘ को पहले से (Pre-Loaded) अपलोड करें।

तीन महीने का अल्टीमेटम: फरवरी 2026 तक लागू होगा नियम

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, मोबाइल कंपनियों को इस आदेश का पालन करने के लिए 90 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। इसका मतलब है कि फरवरी 2026 के अंत तक, भारत में निर्मित या आयातित होने वाले सभी नए स्मार्टफोन्स में ‘संचार साथी’ ऐप अनिवार्य रूप से मौजूद होना चाहिए।

डिलीट करना असंभव: सबसे बड़ी बात यह है कि इस प्री-लोडेड ऐप को यूज़र न तो हटा सकेंगे और न ही डिसेबल कर पाएंगे।

सुलभता (Accessibility): कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि डिवाइस सेटअप के तुरंत बाद यह ऐप यूज़र्स के लिए आसानी से दिखाई दे और सुलभ हो।

पुराने स्टॉक के लिए अपडेट: जो हैंडसेट पहले ही बन चुके हैं और बिक्री चैनलों में हैं, उनमें यह ऐप सॉफ्टवेयर अपडेट (Software Update) के माध्यम से यूज़र्स तक पहुंचाया जाएगा।

संचार साथी’ क्यों है जरूरी? सुरक्षा के लिए सुरक्षा कवच

सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश में बढ़ते साइबर धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों से निपटना है। ‘संचार साथी’ ऐप यूज़र्स के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा:

बड़ी कंपनियों के लिए चुनौती: Apple, Samsung, Xiaomi पर पड़ेगा सीधा असर

यह आदेश सीधे तौर पर एपल (Apple), सैमसंग (Samsung), शियाओमी (Xiaomi), वीवो (Vivo) और ओप्पो (Oppo) जैसी बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनियों को चुनौती देगा।

खासकर एपल (Apple), जो अपने ऑपरेटिंग सिस्टम (iOS) में गैर-जरूरी थर्ड पार्टी ऐप्स को प्री-इंस्टॉल करने का कड़ा विरोध करती रही है, उसे अब अपनी नीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है।

दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कंपनियां इन निर्देशों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कंपनियों को इस आदेश के जारी होने के 120 दिनों के भीतर दूरसंचार विभाग को अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) प्रस्तुत करनी होगी।