ओवरस्पीडिंग और लापरवाही बनी प्रमुख वजह, डीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

आगरा, 30 अगस्त: आगरा जनपद में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में एक चिंताजनक वृद्धि देखी गई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल मौतों की संख्या 39% तक बढ़ गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, जिला प्रशासन ने 1 सितंबर से ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ (No Helmet, No Fuel) अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह कड़ा फैसला लिया गया। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 से जुलाई 2024 तक 323 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई थी, जबकि जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 449 हो गया है।

सड़क हादसों के पीछे के कारण और समाधान

बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे मुख्य वजहें ओवरस्पीडिंग, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग, गलत दिशा में गाड़ी चलाना और बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के यात्रा करना हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया है कि हेलमेट पहनने वालों की जान बचने की संभावना अधिक होती है।

डीएम ने पेट्रोल पंप मालिकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे इस नियम का पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डीएम के अन्य निर्देश:

सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाना: डीएम ने सड़कों पर मौजूद गड्ढों को तुरंत भरने और बारिश के बाद पूर्ण सड़क निर्माण का काम करने के निर्देश दिए हैं।

अतिक्रमण हटाना: ग्वालियर रोड और NH-19 पर नालों पर बने अवैध निर्माणों को 15 दिन के अंदर हटाने का आदेश दिया गया है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।

मेट्रो निर्माण स्थल पर सख्ती: एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण के कारण बढ़ रहे हादसों को देखते हुए, डीएम ने गलत दिशा से आने वाले वाहनों को पेट्रोल देने वाले पंपों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

सड़क दुर्घटना के डेटा और मददगारों के लिए इनाम

आगरा के सड़क हादसों के आंकड़ों में सबसे ज्यादा मौतें ग्रामीण सड़कों (ODR) पर हुईं, जहां 224 लोगों की जान गई। एक्सप्रेस-वे पर 21 और नेशनल हाइवे पर 108 मौतें दर्ज की गईं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक सराहनीय पहल भी शुरू की है। अगर कोई व्यक्ति किसी घायल को गोल्डन ऑवर (Golden Hour) में अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और पुलिस उससे कोई पूछताछ नहीं करेगी।

इस बैठक में एआरटीओ प्रवर्तन आलोक अग्रवाल, बीपी अग्रवाल (आरएम रोडवेज), राघवेन्द्र सिंह वर्मा (अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी) सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।