
अधिकारियों की बैठक में नकली दवाओं के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए बनी नई रणनीति, संयुक्त जांच पर जोर
आगरा, 30 अगस्त: आगरा में नकली और नशीली दवाओं के बढ़ते कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सभी संबंधित विभागों को मिलकर एक समन्वित और प्रभावशाली कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिलास्तरीय एनसीसीओआरडी (NCCORD) कमेटी और नशामुक्ति रोकथाम समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नकली दवाओं का सिंडिकेट देश भर में फैल रहा है और मौजूदा कार्रवाईयां इसे रोकने के लिए नाकाफी हैं। पूर्व डीजीपी (DGP) गुजरात और फोरेंसिक कंसल्टेंट केशव कुमार ने बताया कि इस तरह के मामलों में सिर्फ 2% आरोपियों को ही सजा मिल पाती है। उन्होंने बताया कि अपराधी अब आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे स्कैनर से एक्सपायरी डेट बदलना।
संयुक्त कार्रवाई से बढ़ेगी दोष सिद्धि की दर
केशव कुमार ने सुझाव दिया कि जब भी कोई रैकेट पकड़ा जाए, तो ड्रग, पुलिस, नगर-निगम, जीएसटी, श्रम विभाग, आयकर और खाद्य व औषधि प्रशासन जैसे विभागों को मिलकर संयुक्त जांच करनी चाहिए। इससे ठोस सबूत इकट्ठा किए जा सकेंगे और आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्धि की दर शत-प्रतिशत तक पहुंचाई जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि संगठित अपराधों को रोकने के लिए उनके ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम, डिजिटल लेनदेन और भुगतान प्रक्रियाओं की भी गहन जांच की जानी चाहिए।
नशा मुक्ति केंद्रों पर भी होगी नजर
बैठक के दौरान पुलिस, आबकारी और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा की गई कार्रवाईयों की समीक्षा भी की गई। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने जनपद में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों का विवरण भी मांगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जो केंद्र मद्य निषेध विभाग में पंजीकृत नहीं हैं, उन पर पुलिस और मद्य निषेध विभाग मिलकर नोटिस जारी करें और उन्हें मानकों के अनुसार चलाने का निर्देश दें। इस महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें डीसीपी सिटी सोनम कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान और जिला आबकारी अधिकारी कृष्णपाल यादव जैसे अधिकारी शामिल थे।




