लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में संसाधनों के संयम और ईंधन की बचत के आह्वान के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और अनावश्यक विदेशी मुद्रा खर्च को कम करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने राजधानी लखनऊ में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में सीएम योगी ने न केवल सरकारी कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव के निर्देश दिए, बल्कि प्रदेशवासियों से भी एक खास अपील की है।

​सरकारी फ्लीट में 50% की कटौती: सादगी और बचत का संदेश

​बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ा फैसला सरकारी काफिलों (फ्लीट) को लेकर लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खुद उनकी, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की फ्लीट में शामिल वाहनों की संख्या में तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत की कमी की जाए।

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​मुख्यमंत्री का मानना है कि सरकारी मशीनरी को फिजूलखर्ची रोककर जनता के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहिए। ईंधन की खपत को कम करना केवल एक आर्थिक फैसला नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

​’वर्क फ्रॉम होम’ और वर्चुअल बैठकों पर जोर

​कोरोना काल के दौरान जिस ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) संस्कृति ने काम की रफ्तार को बनाए रखा था, सीएम योगी अब उसे फिर से प्राथमिकता देने की तैयारी में हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों को घर से किया जा सकता है, उनके लिए कार्यालय आने की अनिवार्यता कम की जाए।

​इसके साथ ही, उन्होंने सरकारी सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और विभागीय बैठकों को भौतिक रूप से आयोजित करने के बजाय ‘वर्चुअल मोड’ में करने पर जोर दिया है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के आवागमन में खर्च होने वाले ईंधन और सरकारी संसाधन भी बचेंगे।

​अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचें प्रदेशवासी

​मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश की जनता से एक भावुक और आर्थिक अपील की है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए यह जरूरी है कि हम अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचें। अक्सर भारतीय समाज में सोने को निवेश का सुरक्षित माध्यम माना जाता है, लेकिन भारी मात्रा में सोने का आयात देश के व्यापार घाटे को बढ़ाता है। सीएम ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपनी बचत को उत्पादक क्षेत्रों में लगाएं ताकि राष्ट्र निर्माण में योगदान मिल सके।

​सार्वजनिक परिवहन और पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा

​यातायात की समस्याओं और बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरों में मेट्रो रेल और इलेक्ट्रिक बसों के जाल को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

  • मेट्रो का उपयोग: दैनिक आवागमन के लिए निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का प्रयोग करें।
  • पीएनजी (PNG) का विस्तार: घरेलू और औद्योगिक स्तर पर ईंधन के पारंपरिक स्रोतों को छोड़कर पीएनजी पर स्विच करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए।
  • साइकिल और पैदल चलना: कम दूरी के लिए उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली और ईंधन बचत के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने को प्रोत्साहित किया।

​भविष्य की राह: आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम उत्तर प्रदेश को एक ‘सस्टेनेबल’ और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। जब सरकारी स्तर पर इस तरह के कड़े और अनुशासित फैसले लिए जाते हैं, तो उसका असर आम जनता के व्यवहार पर भी पड़ता है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन सभी बिंदुओं पर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए।