
गाजियाबाद:
त्योहार का मौका खुशियों का होता है, लेकिन दिल्ली से सटे गाजियाबाद के खोड़ा इलाके के नवनीत विहार में इस बार की बकरीद एक परिवार के लिए जिंदगी भर का अंधेरा दे गई। महज 17 साल का मासूम सूर्या, जिसने अभी जिंदगी को ठीक से देखना भी शुरू नहीं किया था, नफरत और आपसी विवाद की भेंट चढ़ गया। असद नाम के एक युवक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सूर्या के पेट में चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे खोड़ा इलाके में माहौल बेहद तनावपूर्ण है। जगह-जगह पुलिसबल मुस्तैद है, गुस्साए परिजन और हिंदू संगठन आरोपियों के एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हैं।
क्या थी उस काली रात की पूरी कहानी? ‘बकरा हलाल’ देखने के बहाने बुलाया
यह दिल दहला देने वाली घटना 28 मई की शाम की है। सूर्या के भाई यश ने रोते हुए बताया कि सूर्या अपने दोस्तों विकी और आयुष के साथ नवनीत विहार इलाके में घूम रहा था। इसी दौरान पुराने विवाद को सुलझाने के बहाने मुख्य आरोपी असद ने सूर्या को फोन किया।
आरोप है कि असद ने फोन पर सूर्या से बेहद संवेदनहीन लहजे में पूछा— “कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ तुम्हें दिखाता हूं।” जब सूर्या ने वहां जाने से मना किया, तो असद और उसके साथी भड़क गए। रास्ते में सामना होते ही असद ने सूर्या के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि असद और उसके साथियों ने सूर्या को चारों तरफ से घेर लिया।
जान बचाने के लिए 200 मीटर तक लहूलुहान भागा सूर्या
सामने आए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, असद ने अचानक अपनी जेब से बड़ा चाकू निकाला और सूर्या के पेट में एक के बाद एक चार बार वार कर दिए। चाकू लगते ही सूर्या दर्द से चीख उठा। उसने अपनी जान बचाने के लिए हमलावरों के चंगुल से छूटकर करीब 200 मीटर तक दौड़ लगाई। लेकिन, शरीर से अत्यधिक खून बह जाने के कारण वह सड़क पर ही निढाल होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में दोस्त और परिजन उसे नजदीकी फोर्टिस अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छंटनी की उम्र में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार
मात्र 17 साल का सूर्या नवनीत विहार में अपने माता-पिता, भाई और बहन के साथ रहता था। वह एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। पढ़ाई में सामान्य और स्वभाव से सीधा सूर्या अपने दोस्तों में काफी लोकप्रिय था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता की आंखें पथरा गई हैं और मां बार-बार बेहोश हो रही है। उनका बस एक ही सवाल है— “आखिर मेरे बच्चे का क्या कसूर था कि उसे इतनी बेरहमी से मार डाला?”
फोर्टिस अस्पताल पर लगे गंभीर आरोप: शव देने के बदले मांगे 4 लाख रुपये!
इस दुखद घटना में संवेदनशीलता की सारी हदें तब पार हो गईं, जब पीड़ित परिवार ने फोर्टिस अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने महज कुछ घंटों के इलाज और औपचारिकता के नाम पर ₹4 लाख का भारी-भरकम बिल थमा दिया।
हद तो तब हो गई जब अस्पताल ने साफ कह दिया कि जब तक पूरे पैसे जमा नहीं होंगे, तब तक सूर्या का शव परिजनों को नहीं सौंपा जाएगा। गरीब और असहाय परिवार अस्पताल के सामने हाथ जोड़ता रहा। बाद में जब मामला बढ़ा, तो पुलिस के आला अधिकारियों ने दखल दिया। पुलिस की समझाइश और हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन झुका और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
एनकाउंटर और बुलडोजर की मांग, डीप फ्रीजर में रखा शव
पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव खोड़ा स्थित उसके घर पहुंचा, तो माहौल और गरमा गया। गुस्से से उफनते परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन परिजनों को समझाने के बाद सूर्या के शव को श्मशान घाट ले जाया गया।
परिजनों का साफ कहना है: “जब तक मुख्य आरोपी असद का पुलिस एनकाउंटर नहीं करती, तब तक हम अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।”
इस मांग को लेकर स्थानीय हिंदू संगठन भी मैदान में उतर आए हैं। संगठनों ने पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर जल्द ही असद पर कड़ी कार्रवाई (एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन) नहीं हुई, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर परिवार को समझाने में जुटा हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई: 7 हमलावरों में से 3 गिरफ्तार
इस बर्बर हत्याकांड में कुल 7 लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। नामजद 4 मुख्य आरोपियों में से 3 को पुलिस ने दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फरहान, आसिफ और नवाब के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया फरहान इस पूरे मामले के मुख्य आरोपी असद का पिता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फरार आरोपियों, खासकर मुख्य आरोपी असद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।



