
आगरा। अगर आप भी स्मार्टफोन पर डेटिंग या सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए अजनबियों से दोस्ती करने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा सबक है। ताजनगरी आगरा में डिजिटल दुनिया के जरिए सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले एक बहुत ही खौफनाक और शातिर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
आगरा की ताजगंज और एकता थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए दो ऐसे अलग-अलग गैंग को दबोचा है, जो डेटिंग ऐप्स पर लड़कियों या फर्जी प्रोफाइल के नाम पर लोगों को हुस्न के जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें मिलने के बहाने होटल या सुनसान जगहों पर बुलाकर बंधक बना लेते थे और अश्लील वीडियो बनाकर लाखों रुपये की जबरन वसूली (Extortion) करते थे। पुलिस ने दोनों गिरोह के कुल 8 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 5 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक कार बरामद हुई है।
कैसे हुआ इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी (ADCP) हिमांशु गौरव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे रैकेट का कच्चा चिट्ठा खोला। उन्होंने बताया कि 21 मई को ताजगंज थाने में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती कर होटल में बंधक बनाया गया, मारपीट की गई और डरा-धमका कर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराए गए।
शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने होटल के पास घेराबंदी की और ताजगंज इलाके से चार आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोमेश्वर, तरुण (दोनों निवासी मुरली नगर, ताजगंज), साकिब (निवासी मलको गली, ताजगंज) और शकील (निवासी जींद, हरियाणा) के रूप में हुई है। पूछताछ में इन आरोपियों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से ऐप के जरिए लोगों को ट्रैप कर रहे थे।
ग्राइंडर ऐप (Grindr App) के जरिए एकता थाना पुलिस ने पकड़ा दूसरा गैंग
ताजगंज पुलिस की इस सफलता के साथ ही आगरा की एकता थाना पुलिस ने भी बिल्कुल इसी तरह की मोडस ऑपेरंडी (काम करने के तरीके) पर काम करने वाले एक अन्य गैंग को बेनकाब किया है। यह गैंग विशेष रूप से ‘ग्राइंडर ऐप’ (Grindr App) का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाता था।
20 मई को इस गैंग ने एक व्यक्ति को दोस्ती के बहाने मिलने के लिए बुलाया और उसे एक सुनसान स्थान पर ले गए। वहाँ पीड़ित को बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया और उसके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिए गए। बदनामी के डर से पीड़ित ने मौके पर ही आरोपियों को 1 लाख रुपये दे दिए। लेकिन आरोपियों का लालच यहीं नहीं रुका; अगले ही दिन उन्होंने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की और मांग की। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सूरज ठाकुर (निवासी रौनक एंक्लेव), सौरभ यादव (निवासी बरौली अहीर), नमन यादव और अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
समझिए ‘डिजिटल हनीट्रैप’ का यह पूरा खूनी खेल (Crime Pattern)
पुलिस पूछताछ और जांच में इस गैंग के काम करने का जो तरीका सामने आया है, वह किसी भी आम इंसान के होश उड़ाने के लिए काफी है। यह पूरा खेल 5 चरणों में खेला जाता था:
स्टेप 1 (फर्जी प्रोफाइल): सबसे पहले ये अपराधी डेटिंग और सोशल ऐप्स पर आकर्षक और फर्जी प्रोफाइल बनाते थे ताकि लोग आसानी से आकर्षित हो सकें।
स्टेप 2 (मीठी बातें और भरोसा): चैट के जरिए सामने वाले का भरोसा जीता जाता था और बहुत जल्द ही मिलने का दबाव बनाया जाता था।
स्टेप 3 (होटल या सुनसान जगह का जाल): पीड़ित को किसी सस्ते या एकांत होटल के कमरे अथवा सुनसान इलाके में बुलाया जाता था, जहाँ गैंग के अन्य सदस्य पहले से घात लगाकर बैठे होते थे।
स्टेप 4 (बंधक और अश्लील वीडियो): कमरे में आते ही पीड़ित को घेरकर बंधक बना लिया जाता। उसके कपड़े उतरवाकर जबरन अश्लील वीडियो और तस्वीरें खींची जाती थीं।
स्टेप 5 (QR कोड से तुरंत वसूली): इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर पीड़ित को मानसिक रूप से तोड़ दिया जाता था और मोबाइल पर QR कोड स्कैन करवाकर तुरंत ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे।
डरें नहीं, पुलिस को बताएं: यदि आप किसी ऐसे जाल में फंस जाते हैं, तो लोक-लाज के डर से अपराधियों की मांगें पूरी न करें। तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। आपकी गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।
अजनबियों पर तुरंत भरोसा न करें: किसी भी डेटिंग ऐप पर मिलने वाले व्यक्ति की प्रामाणिकता जांचे बिना अपनी निजी जानकारी या तस्वीरें साझा न करें।
अकेले मिलने जाने से बचें: यदि आप किसी से पहली बार मिल रहे हैं, तो कभी भी किसी होटल के कमरे, निजी फ्लैट या सुनसान इलाके में न जाएं। हमेशा मॉल, कैफे या किसी भीड़-भाड़ वाली सार्वजनिक जगह पर ही मिलें।
”इस गैंग का मुख्य हथियार पीड़ित की सामाजिक प्रतिष्ठा और बदनामी का डर था। लोग समाज और लोक-लाज के डर से पुलिस के पास नहीं जाते थे, जिसका फायदा उठाकर ये आरोपी लाखों रुपये ऐंठ रहे थे।” – हिमांशु गौरव, एडिशनल डीसीपी
आगरा पुलिस की आम जनता से अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
इस बड़ी कामयाबी के बाद आगरा पुलिस ने आम नागरिकों, खासकर युवाओं के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन दुनिया में दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती।



