
आगरा। रिश्ते जब पैसों की तराजू पर तोले जाने लगें, तो समाज की नींव हिलने लगती है। कुछ ऐसा ही झकझोर देने वाला मामला ताजनगरी आगरा की सदर तहसील में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में सामने आया। यहां एक शख्स अपनी 85 वर्षीय बूढ़ी मां को सगे भाइयों के चंगुल से छुड़ाने और उनसे मिलने की भीख मांगते हुए अधिकारियों के सामने फूट-फूट कर रो पड़ा। पीड़ित का आरोप है कि उसके बड़े भाइयों ने पेंशन के लालच में बुजुर्ग मां को कहीं छिपाकर रखा है और उसे अपनी मां की जान का खतरा सता रहा है।
अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि रिश्तों को शर्मसार करने वाली यह पूरी घटना क्या है।
शादी के बहाने ले गए और फिर मां को बना लिया ‘कैदी’
यह पूरा मामला आगरा के अंगूठी गांव का है। समाधान दिवस में पहुंचे सुरेश कुमार नामक व्यक्ति ने अपने बड़े भाइयों पर बेहद गंभीर और संवेदनशील आरोप लगाए हैं। सुरेश ने अधिकारियों को बताया, “साहब! नौ साल पहले मेरे पिता की मृत्यु हो गई थी। पिता के जाने के बाद मां को सरकारी पेंशन मिलती है, जिससे उनका गुजारा होता था। साल 2021 में मेरे दोनों बड़े भाई नाती की शादी का बहाना बनाकर मां को मेरे घर से अपने साथ ले गए थे।”
सुरेश का आरोप है कि उस दिन के बाद से उसके भाइयों की नीयत डोल गई। मां को मिलने वाली पेंशन की रकम पर कब्जा करने के लिए उन्होंने बुजुर्ग मां को किसी अज्ञात जगह पर छिपा दिया है। अब वे सुरेश को अपनी मां से मिलने तक नहीं देते।
”संपत्ति के चक्कर में मां के साथ अनहोनी न कर दें भाई”
85 वर्ष की ढलती उम्र में जहां एक मां को अपने बच्चों के सहारे और सेवा की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वहीं उसे पैसों की भूख का शिकार होना पड़ रहा है। सुरेश ने एसडीएम के सामने अपनी आशंका जताते हुए कहा कि उसे डर है कि संपत्ति और पेंशन के लालच में उसके बड़े भाई मां के साथ कोई अनहोनी न कर दें।
एक बेटे की यह बेबसी देखकर समाधान दिवस में मौजूद अन्य फरियादी और अधिकारी भी भावुक हो गए। सुरेश ने रोते हुए गुहार लगाई, “मुझे मेरी मां से एक बार मिलवा दो साहब, मुझे बस यह देखना है कि वो जिंदा और सुरक्षित हैं या नहीं।”
एसडीएम सचिन राजपूत का कड़ा रुख, पुलिस को दिए तुरंत कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को भांपते हुए एसडीएम (सदर) सचिन राजपूत ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने थाना जगदीशपुरा के थाना प्रभारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि दोनों पक्षों (भाइयों) को तुरंत थाने में तलब किया जाए। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर बुजुर्ग महिला की स्थिति का पता लगाएं और मामले का त्वरित निस्तारण कर पीड़ित बेटे को उसकी मां से मिलवाएं।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बुजुर्गों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार या उनके अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इस मामले में कोई आपराधिक साजिश पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगरा समाधान दिवस: 180 फरियादी पहुंचे, लापरवाही पर मिलेगी सजा
शनिवार को सदर तहसील में आयोजित इस संपूर्ण समाधान दिवस में सिर्फ सुरेश ही नहीं, बल्कि कुल 180 फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते 29 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जिससे कई फरियादियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।
वहीं, शेष 149 जटिल शिकायतों के लिए एसडीएम सचिन राजपूत ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को ठीक सात दिन की मोहलत दी है। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



