
आगरा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित 12वीं के परीक्षा परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ताजनगरी की बेटियां किसी भी मायने में पीछे नहीं हैं। मंगलवार को जारी हुए नतीजों में आगरा की छात्राओं ने न केवल शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि जिले की मेरिट लिस्ट में शीर्ष दो स्थानों पर भी कब्जा जमाया। दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की खुशी सबलोक ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
खुशी सबलोक की स्वर्णिम सफलता: 98.8% अंकों के साथ लहराया परचम
आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा खुशी सबलोक ने 12वीं की परीक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। कॉमर्स स्ट्रीम की छात्रा खुशी ने अपनी इस उपलब्धि से न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे स्कूल प्रबंधन का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि वह भविष्य में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कॉलेज से B.Com (Hons) करना चाहती हैं। खुशी के पिता पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) हैं, और उन्होंने हमेशा खुशी को बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। खुशी का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, नियमित पढ़ाई और परिवार का सहयोग ही उनकी इस जीत की नींव है।
सुमित राहुल स्कूल की परिशी रहीं दूसरे स्थान पर
जिले की टॉपर्स सूची में दूसरा नाम सुमित राहुल मेमोरियल स्कूल की छात्रा परिशी का है। परिशी ने 98.4 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। दिलचस्प बात यह है कि परिशी भी कॉमर्स स्ट्रीम की ही छात्रा हैं, जो यह दर्शाता है कि इस वर्ष आगरा में कॉमर्स विषय के विद्यार्थियों ने असाधारण प्रदर्शन किया है। परिशी की इस उपलब्धि पर उनके स्कूल में जश्न का माहौल है और शिक्षकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
आंकड़ों में छात्राओं का दबदबा: लड़कों को छोड़ा पीछे
इस वर्ष सीबीएसई 12वीं के कुल परिणामों पर नजर डालें तो छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में काफी बेहतर रहा है। आगरा सहित देश भर में बेटियों ने अपनी शैक्षिक क्षमता का प्रदर्शन किया है।
- कुल पास प्रतिशत: 85.20%
- छात्राओं का पास प्रतिशत: 88.86%
- छात्रों का पास प्रतिशत: 82.13%
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्राओं की एकाग्रता और नियमित रूप से डिजिटल लर्निंग टूल्स के उपयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाने में मदद की है। आगरा के विभिन्न स्कूलों में पास प्रतिशत पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर दर्ज किया गया है।
संयुक्त परिवार और अनुशासन: सफलता के पीछे की कहानी
जिला टॉपर खुशी सबलोक एक संयुक्त परिवार में रहती हैं, जिसमें उनके माता-पिता, बड़ा भाई और दादी शामिल हैं। खुशी के अनुसार, “घर का माहौल हमेशा पढ़ाई के अनुकूल रहा। जब भी मुझे तनाव महसूस होता, मेरी दादी और भाई ने मेरा हौसला बढ़ाया।” खुशी ने यह भी साझा किया कि उन्होंने कभी घंटों तक रट्टा मारने की कोशिश नहीं की, बल्कि कॉमर्स के बारीकियों और कॉन्सेप्ट्स को समझने पर जोर दिया।

स्कूलों में जश्न और भावुक पल
जैसे ही सीबीएसई ने आधिकारिक वेबसाइट पर लिंक सक्रिय किया, आगरा के साइबर कैफे और स्कूलों में हलचल तेज हो गई। कई छात्र अपने मोबाइल स्क्रीन पर परिणाम देखकर खुशी से झूम उठे, तो कई भावुक नजर आए। स्कूलों में मिठाई बांटी गई और शिक्षकों ने अपने होनहार छात्रों को तिलक लगाकर सम्मानित किया। माता-पिता के लिए यह गौरव का क्षण था, क्योंकि उनकी सालों की मेहनत बच्चों के अच्छे ग्रेड्स के रूप में सामने आई थी।।



