आगरा: ताजनगरी के ऐतिहासिक आगरा कॉलेज के परिसर में आज एक अलग ही ऊर्जा और राष्ट्रप्रेम का ज्वार देखने को मिला। अवसर था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ का, जिसे कॉलेज की एनसीसी गर्ल्स विंग (1 यूपी गर्ल्स बटालियन) ने वीरता, गौरव और संकल्प के साथ मनाया। कंपनी कमांडर कैप्टन रीता निगम के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल वीर सैनिकों की शहादत और साहस को याद किया, बल्कि युवा पीढ़ी के भीतर राष्ट्र रक्षा का एक नया जज्बा भी फूँक दिया।

​तिरंगा चौक पर गूँजा ‘शौर्य संवाद’: अनुभव जब प्रेरणा बने

​कार्यक्रम का सबसे हृदयस्पर्शी और प्रेरणादायी हिस्सा रहा “शौर्य संवाद”, जिसका आयोजन खेरिया मोड़ स्थित तिरंगा चौक पर किया गया। इस सत्र में 40 सीनियर विंग कैडेट्स ने हिस्सा लिया। संवाद के मुख्य आकर्षण रहे विशेष अतिथि—फ्लाइंग कमांडो उमा फौजदार, चीफ पेटी ऑफिसर तेज सिंह और वारंट ऑफिसर योगेश कुमार।

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​जब इन वीर अधिकारियों ने दुर्गम चोटियों और शून्य से नीचे के तापमान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चुनौतियों को साझा किया, तो वहाँ मौजूद हर कैडेट की आँखें गर्व से चमक उठीं। अधिकारियों ने युवाओं को एक मूल मंत्र दिया: “जंग केवल आधुनिक हथियारों से नहीं, बल्कि अडिग हौसलों से जीती जाती है। मैदान-ए-जंग में जीतने की तीव्र इच्छाशक्ति ही सबसे बड़ा हथियार है।”

​वर्दी का सम्मान और भविष्य की राह

​संवाद के दौरान सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने कैडेट्स को वर्दी की गरिमा समझाते हुए कहा कि वर्दी किसी जाति या क्षेत्र को नहीं, बल्कि केवल कर्तव्य, सम्मान और साहस को पहचानती है। उन्होंने छात्राओं को एसएसबी (SSB), एनडीए (NDA) और सीडीएस (CDS) जैसी परीक्षाओं के जरिए भारतीय रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। अधिकारियों के अनुभव साझा करने का उद्देश्य केवल पुरानी यादें ताजा करना नहीं था, बल्कि भविष्य की महिला सैन्य अधिकारियों की पौध तैयार करना भी था।

​तिरंगा रैली: राष्ट्र रक्षा के नारों से गुंजायमान हुआ क्षेत्र

​शौर्य संवाद के बाद एक विशाल “ऑपरेशन सिंदूर जागरूकता रैली” निकाली गई। हाथों में तिरंगा और ‘देश का बल — सैनिक का बल’ लिखे पोस्टर लिए कैडेट्स जब सड़कों पर निकले, तो पूरा माहौल ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूँज उठा।

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​यह रैली केवल एक पैदल मार्च नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों को सेना के बलिदानों के प्रति जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम थी। तिरंगा चौक पर जब कैडेट्स ने अनुशासित होकर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी, तो वहाँ मौजूद राहगीर भी रुककर इस सम्मान का हिस्सा बने।

​डिजिटल इंडिया में देशभक्ति: सोशल मीडिया बना हथियार

​आज के युग में जहाँ सूचनाओं का प्रवाह डिजिटल है, वहाँ कैप्टन रीता निगम ने देशभक्ति को एक नया आयाम दिया। उनके नेतृत्व में एक डिजिटल जागरूकता अभियान चलाया गया। कैप्टन रीता निगम ने स्वयं अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ऑपरेशन सिंदूर का आधिकारिक लोगो लगाकर “लीड फ्रॉम द फ्रंट” (आगे से नेतृत्व) का संदेश दिया।

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​उनके इस कदम का अनुसरण करते हुए सभी कैडेट्स ने अपने प्रोफाइल अपडेट किए और डिजिटल माध्यम से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गौरवगाथा को लाखों लोगों तक पहुँचाया। यह इस बात का प्रमाण है कि आज का युवा अपनी विरासत और वीर सैनिकों के प्रति कितना सजग है।

​अनुशासन और सामूहिक शपथ के साथ समापन

​कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जहाँ सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने का प्रण लिया। कैप्टन रीता निगम के कुशल निर्देशन और कैडेट्स के अनुशासित व्यवहार ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। 1823 में स्थापित आगरा कॉलेज अपनी शैक्षिक उपलब्धियों के साथ-साथ ऐसे राष्ट्रभक्ति के आयोजनों के लिए भी हमेशा याद किया जाता रहेगा।