आगरा। उत्तर प्रदेश की ताजनगरी स्थित ऐतिहासिक आगरा कॉलेज का गंगाधर शास्त्री मैदान बुधवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। अवसर था प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के भव्य अभिनंदन समारोह का। स्टाफ क्लब द्वारा आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में न केवल उच्च शिक्षा मंत्री का सम्मान किया गया, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों और कर्मचारियों को दी गई कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए सामूहिक रूप से आभार प्रकट किया गया।

​सुबह से ही कॉलेज परिसर में भारी उत्साह देखा गया। एनसीसी (सीनियर डिवीजन) और आर्मी विंग के कैडेट्स ने मंत्री जी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर उनकी अगवानी की, जिससे पूरा माहौल अनुशासन और देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

​शिक्षा और स्वास्थ्य का संगम: प्रदेश सरकार की नई पहल

​कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलन और “अज्ञानता से तार दे” वंदना के साथ हुई। प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम की अध्यक्षता और प्रो. शेफाली चतुर्वेदी के ओजस्वी संचालन ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

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​अपने संबोधन में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि सरकार ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर चल रही है। उन्होंने कहा, “पिछले 9 वर्षों में हमने जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया, बल्कि सुविधाओं का विस्तार किया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन यूनिवर्सिटी’ और ‘वन मेडिकल कॉलेज’ का हमारा सपना अब धरातल पर उतर रहा है। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं, और उनके स्वास्थ्य की चिंता करना सरकार का नैतिक दायित्व है।” उन्होंने आगरा कॉलेज में ‘अग्रसेन पीठ’ की स्थापना का भी आश्वासन दिया।

​प्राचार्यों ने रखी अपनी बात: महिला शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

​समारोह में आगरा के विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेजों के प्राचार्यों ने भी शिरकत की और सरकार के इस कदम को क्रांतिकारी बताया:

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  • आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कैशलेस सुविधा से शिक्षकों को मानसिक सुरक्षा मिली है।
  • सेंट जॉन्स कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एस.पी. सिंह के अनुसार, एक स्वस्थ शिक्षक ही बेहतर समाज का निर्माण कर सकता है।
  • बी.डी. जैन कॉलेज की प्राचार्य प्रो. वंदना अग्रवाल और बैकुंठी देवी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. पूनम सिंह ने महिला शिक्षकों के लिए ‘मेडिकल लीव’ की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया और सरकार से इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया।

​शिक्षक संगठनों की मांग: 65 वर्ष सेवानिवृत्ति और मेडिकल लीव की बहाली

​जहाँ एक ओर सरकार का आभार जताया गया, वहीं शिक्षक संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को भी मजबूती से रखा। आगरा कॉलेज स्टाफ क्लब के सचिव प्रो. वी.के. सिंह ने मंत्री जी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित थीं:

  1. सेवानिवृत्ति आयु: अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष की जाए।
  2. मेडिकल लीव: शिक्षकों के लिए पुरानी मेडिकल लीव की सुविधा को पुनः बहाल किया जाए।
  3. रिक्त पद: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नई नियुक्तियों की अनुमति दी जाए।

​FUPUCTA के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने याद दिलाया कि कैशलेस इलाज की मांग पिछले 30 वर्षों से की जा रही थी, जिसे वर्तमान सरकार ने पूरा कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है।

​भविष्य की राह: सुदृढ़ होगी उच्च शिक्षा की नींव

​कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम ने महाविद्यालय के लिए अतिरिक्त अनुदान की मांग रखी, ताकि बुनियादी ढांचे को और आधुनिक बनाया जा सके। अंत में प्रो. शशिकांत पांडे ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

​इस अवसर पर प्रो. मृणाल शर्मा, प्रो. गौरव कौशिक (मीडिया प्रभारी), और गौरव शर्मा (कर्मचारी संघ अध्यक्ष) सहित भारी संख्या में प्राध्यापक और कर्मचारी मौजूद रहे। राष्ट्रगान के साथ इस सफल समारोह का समापन हुआ, जिसने शिक्षकों के बीच एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया है।