
वाराणसी से दिल्ली तक 1000 KM की यात्रा का 41वां दिन; महंगाई, बेरोज़गारी और लोकतंत्र पर छात्रों-शिक्षकों संग हुआ संवाद
आगरा, – सर्व सेवा संघ द्वारा आयोजित राजघाट (वाराणसी) से राजघाट (दिल्ली) तक की 1000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा अपने 41वें दिन ऐतिहासिक आगरा कॉलेज पहुंची। इस दौरान कॉलेज के प्रतिष्ठित गंगाधर शास्त्री सभागार में एक प्रेरणादायक सभा का आयोजन किया गया, जहाँ महात्मा गांधी और गणेश शंकर विद्यार्थी जैसी महान हस्तियों ने भी पहले संवाद किया था।
शिक्षकों ने पारंपरिक सफा पहनाकर पदयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
गांधी की विरासत और लोकतंत्र की लड़ाई

सभा की अध्यक्षता कर रहे आगरा कॉलेज के प्राचार्य, प्रोफेसर सी. के. गौतम ने पदयात्रियों के दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा, “आज के व्यस्त समय में एक या दो महीने तक ऐसी यात्राओं में शामिल होना बहुत बड़ा कार्य है। कॉलेज परिवार आपका हार्दिक अभिनंदन करता है।
“सर्व सेवा संघ के मंत्री, अरविंद अंजुम ने यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, “यह यात्रा 2 अक्टूबर से शुरू होकर 26 नवंबर तक चलेगी। हम अपनी विरासत, संविधान और लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रहे हैं।” उन्होंने ‘विश्वगुरु’ और ‘विश्व मित्र’ की विचारधारा के बीच अंतर स्पष्ट किया:

“हम जिस विचारधारा से संघर्ष कर रहे हैं, वह वर्चस्व की विचारधारा है जो ‘विश्वगुरु’ बनने की बात करती है। लेकिन हम ‘विश्व मित्र’ बनने की विचारधारा को मानते हैं — जिससे विश्वभर में शांति, प्रेम और सद्भावना का संदेश जाता है। यही गांधी का सपना था।
“क्रांति सिर्फ युवा वर्ग ही ला सकता है: सोमनाथ रोड

सर्वोदय समाज के पूर्व अध्यक्ष, सोमनाथ रोड ने देश के ज्वलंत मुद्दों पर युवाओं को आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “हम महंगाई, बेरोज़गारी, बढ़ती गरीबी और शिक्षा की स्थिति जैसे सवालों का जवाब मांगने के लिए यह पदयात्रा कर रहे हैं। हम जानते हैं कि इस देश में परिवर्तन किसी सरकार या नेता की वजह से नहीं, बल्कि युवाओं के माध्यम से आएगा। इसलिए युवाओं को अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए — क्योंकि सिर्फ युवा ही क्रांति ला सकते हैं।
“भय का माहौल खत्म करना है: पदयात्रा संयोजक

उत्तर प्रदेश कर सेवा संघ के अध्यक्ष और पदयात्रा संयोजक, राम धीरज ने देश में व्याप्त “भय के वातावरण” को समाप्त करने पर ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा, “आज देश के अधिकांश लोग सत्ता के भय में हैं। हम इस पदयात्रा के माध्यम से लोगों के भीतर के इस डर को समाप्त करना चाहते हैं।” उन्होंने आगरा कॉलेज परिवार का आभार व्यक्त किया कि जब पूरा देश भय के माहौल में है, तब वे निर्भय होकर सत्य और लोकतंत्र के पक्ष में खड़े हैं।

सर्व सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदन पाल और सिस्टर फ्लोरीन ने भी अपने विचार साझा किए। चंदन पाल ने धर्मांधता, कट्टर राष्ट्रवाद और संकीर्ण राष्ट्रभक्ति को ‘गांधी को मारी गई तीन गोलियाँ’ बताया, जो आज भी समाज को बाँट रही हैं। सिस्टर फ्लोरीन ने सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति और उत्तर प्रदेश में गांधी की विरासत पर बुलडोज़र चलाए जाने की घटना पर चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शशिकांत पांडे ने किया। इसमें डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, भारत सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, किसान यूनियन) सहित कई प्राध्यापक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।




