लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए एक विस्फोट की घटना को गंभीरता से लेते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की सुरक्षा एवं सतर्कता को सुदृढ़ करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण से घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद, पूरे प्रदेश की पुलिस फोर्स को हाई अलर्ट पर रहने और सघन चेकिंग तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है।

DGP ने जारी किया 8-सूत्रीय एक्शन प्लान: फील्ड में उतरेंगे वरिष्ठ अधिकारी

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने तत्काल प्रभाव से प्रदेश के समस्त जनपदीय पुलिस अधिकारियों के लिए एक व्यापक 8-सूत्रीय एक्शन प्लान जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

मुख्य निर्देश:

फील्ड में उपस्थिति अनिवार्य: सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत फील्ड में उतरें। उन्हें संवेदनशील/भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों, सार्वजनिक आयोजनों और धार्मिक स्थलों का स्वयं भ्रमण, निरीक्षण एवं पेट्रोलिंग करने को कहा गया है।

सुरक्षा की पुनः समीक्षा: महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जाएगी और ‘थ्रेट असेसमेंट’ के अनुसार सुरक्षा स्तर को तत्काल बढ़ाया जाएगा।

सघन चेकिंग: वाहनों की चेकिंग के साथ-साथ मेट्रो/बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मॉल, सिनेमा हॉल तथा अन्य सार्वजनिक केंद्रों पर सघन सतर्कता बरती जाएगी। हालांकि, यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आम जनता को अनावश्यक असुविधा न हो।

विशेष टीमें तत्पर: एटीएस, क्यूआरटी (Quick Response Teams), बम निरोधक दस्ते एवं डॉग स्क्वॉड को ‘तत्पर मोड’ में रखा गया है। इसके अलावा, फुट पेट्रोलिंग और एरिया डोमिनेशन को बढ़ाया जाएगा।

खुफिया तंत्र सक्रिय: सीसीटीवी फ़ीड्स का रीयल-टाइम विश्लेषण शुरू किया गया है। स्थानीय ख़ुफ़िया तंत्र और नागरिक सूचना नेटवर्क को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों/गतिविधियों की त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का निर्देश है।

लावारिस वस्तुओं पर नजर: भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लावारिस वस्तुओं और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यूपी 112 की निरंतर गश्त: यूपी 112 पीआरवी (Police Response Vehicle) को निरंतर संवेदनशील स्थानों पर भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया है।

सोशल मीडिया पर निगरानी: सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है, ताकि भ्रामक सूचनाओं से शांति भंग न हो।

डीजीपी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जनता के बीच सुरक्षा का भाव मजबूत करना है।