
शीतलहर के चलते परिषदीय विद्यालयों में 15 दिनों के शीतकालीन अवकाश का ऐलान, शिक्षकों को 30 दिसंबर तक कार्य पूरे करने के निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चादर को देखते हुए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल 31 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे।
शिक्षक संगठनों ने की जल्द छुट्टी की मांग
यूपी के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार छुट्टियां 31 दिसंबर से शुरू हो रही हैं, लेकिन बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कई शिक्षक संगठनों ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से अपील की है कि 29 और 30 दिसंबर को भी स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित किया जाए।
शिक्षकों के लिए समय सीमा तय
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि छुट्टियां शुरू होने से पहले सभी शिक्षकों को अपने विभागीय और दस्तावेजी कार्य पूरे करने होंगे। आदेश के मुताबिक, 30 दिसंबर की शाम तक स्कूलों के जरूरी रजिस्टर, सुरक्षा संबंधी इंतजाम और अन्य प्रशासनिक कार्यों को निपटाना अनिवार्य है, ताकि अवकाश के दौरान किसी भी प्रकार की पेंडेंसी न रहे।
मकर संक्रांति के बाद दोबारा खुलेंगे स्कूल
विभाग द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार:
अवकाश की अवधि: 31 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक।
स्कूल खुलने की तिथि: 15 जनवरी 2026।
प्रभावित क्षेत्र: उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय (सरकारी) स्कूल।14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार होने के कारण छुट्टियां उस दिन तक प्रभावी रहेंगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि ठंड का प्रकोप और बढ़ता है, तो जिलाधिकारियों को अपने स्तर पर समय परिवर्तन या छुट्टियों के विस्तार का अधिकार होगा।




