
उत्तर प्रदेश में पारा गिरते ही आम जनजीवन पर सर्दी का सितम दिखने लगा है। ऐसे में प्रदेश की योगी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कोई भी गरीब या जरूरतमंद खुले आसमान के नीचे ठंड से न ठिठुरे। इसी क्रम में ताजनगरी आगरा के नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी पार्क में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सैकड़ों जरूरतमंद महिलाओं को राहत पहुँचाई।
ठंड के बीच राहत की पहल: 500 महिलाओं के चेहरे पर खिली मुस्कान
आगरा की कड़कड़ाती ठंड में जब आम आदमी घरों में दुबकने को मजबूर है, तब प्रशासन और जनप्रतिनिधि सड़कों पर उतरकर पात्र लोगों की खोज कर रहे हैं। नॉर्थ ईदगाह कॉलोनी स्थित पार्क में आयोजित इस विशेष शिविर में करीब 500 से अधिक महिलाओं को ऊनी कंबल प्रदान किए गए। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्वयं अपने हाथों से महिलाओं को कंबल ओढ़ाए और उनका हाल-चाल जाना।
कंबल पाकर महिलाओं के चेहरों पर न केवल राहत दिखी, बल्कि उन्होंने सरकार की इस तत्परता की सराहना भी की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ बिना किसी बाधा के पहुँचे।

”सबका साथ, सबका विकास”: भेदभाव मुक्त शासन का दावा
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर तुष्टिकरण की राजनीति समाप्त हो चुकी है।
मंत्री ने जोर देकर कहा, “हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मंत्र पर काम कर रही है। पहले की सरकारों में योजनाओं का लाभ देने से पहले व्यक्ति की जाति या मजहब पूछा जाता था, लेकिन योगी सरकार में केवल पात्रता देखी जाती है।” उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक संसाधनों के अभाव में असुरक्षित महसूस न करे।
दक्षिण विधानसभा में माइक्रो-प्लानिंग के तहत चयन
यह कंबल वितरण कार्यक्रम किसी रैंडम प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक ठोस रणनीति रही। मंत्री उपाध्याय ने बताया कि आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में पार्षदों और भाजपा पदाधिकारियों को पहले ही निर्देशित किया गया था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरतमंदों और पात्र परिवारों की सूची तैयार करें।
इसी सर्वे के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी सहायता केवल उन लोगों तक पहुँचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। इस माइक्रो-प्लानिंग की वजह से वितरण कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ और वास्तविक पात्र लोगों को इसका लाभ मिला।
प्रशासनिक मुस्तैदी और जन प्रतिनिधियों का जमावड़ाकार्यक्रम के दौरान केवल राजनीतिक चेहरे ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सक्रिय नजर आया। प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार विमल कुमार मौजूद रहे, जिन्होंने वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की।
इसके अलावा, कार्यक्रम में डॉ. आलोकिक उपाध्याय, मंडल अध्यक्ष राजू कुशवाहा, ओम प्रताप सिंह, संजय जैन और सुनील करमचंदानी सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय पार्षद उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि प्रशासन और संगठन मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि शीत लहर के दौरान शहर में रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था भी सुदृढ़ बनी रहे।
उत्तर प्रदेश में शीतकालीन राहत कार्यों की स्थिति
योगी सरकार ने इस वर्ष शीतकाल के लिए विशेष बजट आवंटित किया है। आगरा ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में कंबल वितरण के लिए जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। तहसील स्तर पर टीमों का गठन किया गया है जो रात के समय गश्त कर खुले में सोने वाले लोगों को रैन बसेरों तक पहुँचा रही हैं। आगरा में हुआ यह वितरण कार्यक्रम इसी व्यापक अभियान का एक हिस्सा है, जो राज्य सरकार की जन-हितैषी छवि को और मजबूत करता है।




