अभिभावकों के लिए बड़ी राहत: अब माता-पिता के आधार कार्ड से हो सकेगा ऑनलाइन आवेदन, ‘अपार आईडी’ की अनिवार्यता भी खत्म​

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के निजी स्कूलों में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्रवेश लेने वाले परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। योगी सरकार ने दाखिले की प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुलभ बनाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। अब प्री-नर्सरी और कक्षा एक में दाखिले के लिए बच्चे का आधार कार्ड होना अनिवार्य नहीं होगा; अभिभावक केवल अपने आधार कार्ड के माध्यम से ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।​

तकनीकी बाधाएं दूर, जल्द शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

बेसिक शिक्षा विभाग ने नियमों में बदलाव का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। पिछले नियमों के कारण आ रही तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजों के ऑनलाइन सत्यापन में होने वाली देरी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विभाग के अनुसार, आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।

मुख्य बिंदु: क्या-क्या बदला?

​बच्चे का आधार: अब अनिवार्य नहीं, माता या पिता का आधार कार्ड पर्याप्त है।​

अपार आईडी (APAAR ID): प्रवेश के लिए इसकी बाध्यता खत्म कर दी गई है।

​निवास प्रमाण पत्र: अब बिजली बिल, राशन कार्ड और वोटर आईडी भी मान्य होंगे।

​निगरानी समिति: 11 की जगह अब 7 सदस्यीय समिति करेगी पूरी प्रक्रिया की देखरेख।

​क्यों पड़ी नियमों में बदलाव की जरूरत?

​दरअसल, सितंबर 2023 में जारी पिछले शासनादेश में बच्चे और अभिभावक दोनों का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया था। इससे ‘दुर्बल वर्ग’ और ‘अलाभित समूह’ के उन बच्चों को परेशानी हो रही थी जिनका आधार अभी तक नहीं बना था। साथ ही, अपार आईडी की अनिवार्यता के कारण निजी स्कूलों की शुल्क प्रतिपूर्ति (Reimbursement) भी अटक रही थी। नए संशोधनों से अब स्कूलों को भुगतान मिलने में भी आसानी होगी।​

निवास प्रमाण पत्र के लिए अब कई विकल्प मौजूद​

अभिभावकों की सुविधा के लिए निवास प्रमाण पत्र के नियमों में भी ढील दी गई है। अब केवल तहसीलदार का प्रमाण पत्र ही जरूरी नहीं है, बल्कि निम्नलिखित दस्तावेज भी पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाएंगे

:​मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)

​:राशन कार्ड या जॉब कार्ड (ग्रामीण क्षेत्र)

​:पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस​

:बिजली या पानी का बिल​

निगरानी के लिए नई समिति का गठन

​प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जनपद स्तर पर निगरानी समिति का पुनर्गठन किया गया है। अब जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में 11 के बजाय 7 सदस्यीय समिति काम करेगी। इसमें सीडीओ, एडीएम, डीआईओएस और बीएसए जैसे अधिकारी शामिल होंगे। विवाद समाधान के लिए अब अलग से किसी समिति की जरूरत नहीं होगी, यही मुख्य समिति सभी मसलों का निपटारा करेगी।

​67 हजार से अधिक विद्यालयों में 1.80 लाख सीटें​

उत्तर प्रदेश के लगभग 68 हजार निजी विद्यालयों को आरटीई पोर्टल पर मैप किया गया है। इन स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर लगभग 1.80 लाख बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि नया सत्र शुरू होने से पहले दाखिले की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।​

आवेदन कहाँ करें?

इच्छुक अभिभावक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.rte25.upsdc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।