आगरा। उत्तर प्रदेश में शिक्षा जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहाँ एक ओर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए सौगातों का पिटारा खोला है, वहीं अब उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने भी अपने हक के लिए आवाज बुलंद कर दी है। आगरा कॉलेज के शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय से मुलाकात कर अपनी ज्वलंत समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई है।

​शिक्षकों की दो प्रमुख मांगें: कैशलेस सुविधा और अवकाश बहाली

​इस मुलाकात का मुख्य केंद्र दो प्रमुख मांगें रहीं। पहली मांग यह है कि जिस तरह प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई है, उसी तर्ज पर उच्च शिक्षा विभाग और विशेषकर अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी यह सुरक्षा कवच दिया जाए।​

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स्टाफ क्लब आगरा कॉलेज आगरा की तरफ से दिया गया प्रतिवेदन

दूसरी महत्वपूर्ण मांग चिकित्सा अवकाश (Medical Leave) की बहाली को लेकर है। शिक्षकों का कहना है कि पूर्व में मिलने वाले चिकित्सा अवकाश को समाप्त कर दिया गया था, जिससे बीमारी की स्थिति में शिक्षकों को भारी मानसिक और आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों ने इस ‘हक’ को फिर से लागू करने की पुरजोर वकालत की है।

​मंत्री के जन्मदिवस पर ‘न्याय’ की उम्मीद​

30 जनवरी 2026 को माननीय उच्च शिक्षा कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय के जन्मदिवस के अवसर पर आगरा कॉलेज का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल उनके आवास पर पहुँचा। यह केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि इसमें शिक्षकों के भविष्य की चिंता भी शामिल थी।​

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आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी. के. गौतम, स्टाफ क्लब के सचिव प्रो. विजय कुमार सिंह, और पूर्व ऑटा महामंत्री डॉ. भूपेंद्र कुमार चिकारा के नेतृत्व में शिक्षकों ने मंत्री महोदय को उनके दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं और साथ ही एक लिखित प्रतिवेदन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त सचिव प्रो. शशिकांत पांडेय और पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. दिग्विजय पाल सिंह सहित 50 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी शामिल रहे।

​मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय का आश्वासन: “सकारात्मक होगा निर्णय”​

कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार शिक्षकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाते हुए कहा:

​”उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों की मांगें न्यायोचित हैं। हम इन दोनों विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रहे हैं और जल्द ही एक सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।”​

उच्च शिक्षा मंत्री के इस भरोसे के बाद शिक्षकों के बीच उम्मीद की एक नई लहर दौड़ गई है। आगरा कॉलेज स्टाफ क्लब को पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व में जल्द ही शासन स्तर पर इन मांगों पर मुहर लग जाएगी।

​एकजुट हुआ शिक्षक समाज​

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ज्ञापन देने वालों में उच्च शिक्षा जगत के कई दिग्गज शामिल रहे। इनमें प्रो. आनंद प्रताप सिंह, प्रो. गौरव कौशिक, प्रो. शिव कुमार सिंह, प्रो. उमेश कुमार, प्रो. एम. एम. खान और प्रो. संजीव शर्मा जैसे नाम प्रमुख हैं। वहीं, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गौरव शर्मा और राजीव सिंह ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कर्मचारियों की एकजुटता का परिचय दिया।

​क्या है मौजूदा स्थिति?

​उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन शिक्षकों का तर्क है कि जब तक शिक्षक शारीरिक और मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस नहीं करेगा, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य प्राप्त करना कठिन है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा आज के समय की अनिवार्य जरूरत है। अब गेंद सरकार के पाले में है और देखना होगा कि ‘न्यू उत्तर प्रदेश’ के इस विजन में उच्च शिक्षा के शिक्षकों को उनका हक कब तक मिलता है।