लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का विशालकाय बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा पेश किया गया यह सरकार का 10वां और वर्तमान विधानसभा का अंतिम पूर्ण बजट है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच, इस बजट में सरकार ने ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’ खेलते हुए समाज के हर वर्ग—विशेषकर युवाओं, महिलाओं और किसानों—के लिए योजनाओं की झड़ी लगा दी है।

​इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका 19.5 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय है, जो राज्य के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दर्शाता है।​

तकनीक और युवाओं के लिए ‘डिजिटल’ उड़ान: AI मिशन की शुरुआत​

योगी सरकार ने इस बजट के जरिए उत्तर प्रदेश को देश का ‘टेक हब’ बनाने का स्पष्ट खाका खींचा है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि उभरती हुई तकनीकों के उपयोग के लिए राज्य में ‘उत्तर प्रदेश टेक्नोलॉजी मिशन’ की स्थापना की जाएगी।​बजट की प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं:​

AI मिशन: कृत्रिम मेधा (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में विकास के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान।

​टेक युवा-समर्थ युवा योजना: प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए नई योजना।​

टैबलेट-स्मार्टफोन: स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 2374 करोड़ रुपये आवंटित, ताकि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।​

रोजगार: डिफेंस कॉरिडोर के जरिए 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान जताया गया है।

​नारी शक्ति और स्वरोजगार: महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान​

महिला सशक्तीकरण को केवल नारों तक सीमित न रखते हुए, सरकार ने उनके आर्थिक स्वावलंबन के लिए ठोस कदम उठाए हैं। ‘मुख्यमंत्री मातृ सुरक्षा संकल्प योजना’ को और अधिक विस्तार दिया गया है। वहीं, ग्रामीण और शहरी महिला उद्यमियों के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना’ की शुरुआत की गई है, जिससे स्वयं सहायता समूहों (SHG) के उत्पादों को बाजार मिल सके।​

इसके अतिरिक्त, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस विभाग में महिलाओं के लिए पृथक कौशल संवर्धन केंद्र और नई भर्तियों का भी जिक्र किया गया है।

​स्वास्थ्य और शिक्षा: 81 मेडिकल कॉलेजों का जाल​स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए बजट का 6% हिस्सा आवंटित किया गया है। वर्तमान में प्रदेश के 81 मेडिकल कॉलेजों में से 45 सरकारी स्तर पर संचालित हैं।​

नए मेडिकल कॉलेज: 14 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1023 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।​

आयुष्मान भारत: इस योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये सुरक्षित किए गए हैं।​

असाध्य रोग: कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज के लिए विशेष कोष की व्यवस्था की गई है।​

बुनियादी ढांचा और औद्योगिक निवेश: 50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य​

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने गौरव के साथ बताया कि उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा अकेले यूपी से आ रहा है।

​अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन: बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये।​

औद्योगिक गलियारा: औद्योगिक विकास के लिए कुल 27,103 करोड़ रुपये का आवंटन, जो पिछले साल से 13% अधिक है।​

एमएसएमई (MSME): लघु उद्योगों के लिए 3822 करोड़ रुपये का प्रावधान।​

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: किसानों को ‘सौर’ शक्ति

किसानों के लिए डीजल की निर्भरता खत्म करने और लागत घटाने के उद्देश्य से डीजल नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित बनाने की योजना को गति दी जाएगी। इसके साथ ही, यूपी अब लैंड-लॉक्ड राज्यों में एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स में पहले स्थान पर पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि निर्यात की सफलता को दर्शाता है।​

वित्त मंत्री ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये तक पहुंच गई है, जो साल 2016-17 की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। साथ ही, बेरोजगारी दर गिरकर मात्र 2.24 प्रतिशत रह गई है।​

निष्कर्ष (Conclusion)​ योगी सरकार का यह बजट 2026 स्पष्ट रूप से ‘विकास’ और ‘विश्वास’ का संतुलन बनाने की कोशिश है। एक तरफ जहां भारी निवेश और एआई जैसी तकनीक के जरिए भविष्य की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं और गरीबों के लिए लोक-कल्याणकारी योजनाओं के जरिए चुनावी जमीन को भी मजबूत किया गया है। 9.13 लाख करोड़ का यह भारी-भरकम बजट क्या यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का सपना पूरा करेगा? यह आने वाला वक्त बताएगा।