उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने भारतीय रेल के सुरक्षा दावों और मानवता को झकझोर कर रख दिया है। गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस में सफर कर रही एक एनसीसी (NCC) छात्रा के साथ ट्रेन के ही एक टीटीई (TTE) द्वारा दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि टीटीई राहुल कुमार ने छात्रा की बेबसी का फायदा उठाया और उसे करियर बर्बाद करने की धमकी देकर अपनी हवस का शिकार बनाया।

​टिकट की मजबूरी और टीटीई की दरिंदगी

​घटना की शुरुआत गोरखपुर रेलवे स्टेशन से हुई। मऊ की रहने वाली एक युवती, जो एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट की परीक्षा देकर लौट रही थी, स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण टिकट नहीं ले पाई थी। उसे उम्मीद थी कि वह ट्रेन के भीतर जुर्माना भरकर टिकट बनवा लेगी। इसी मजबूरी के साथ वह गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस में सवार हो गई।

​ट्रेन के एसी कोच में खड़ी युवती पर टीटीई राहुल कुमार की नजर पड़ी। जब छात्रा ने अपनी समस्या बताई, तो राहुल ने सहानुभूति दिखाने का नाटक किया। उसने छात्रा को भरोसा दिलाया कि वह उसका टिकट बनवा देगा और उसे बैठने के लिए सीट भी दिला देगा। इसी बहाने उसने छात्रा को फर्स्ट एसी (1st AC) के अपने निजी केबिन में बुला लिया।

​केबिन में बंधक बनाकर दी करियर बर्बाद करने की धमकी

​जैसे ही छात्रा टीटीई के केबिन में दाखिल हुई, आरोपी राहुल कुमार ने बाहर की मानवता को पीछे छोड़ते हुए केबिन का दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया। पीड़ित छात्रा के अनुसार, राहुल ने उसे डराना शुरू कर दिया। उसने कहा कि बिना टिकट यात्रा करना एक गंभीर अपराध है और वह उसे जेल भिजवा सकता है। आरोपी ने उसे धमकी दी कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी, तो वह उसका एनसीसी करियर और भविष्य पूरी तरह बर्बाद कर देगा।

​डरी-सहमी छात्रा के साथ राहुल ने इंदारा और देवरिया स्टेशन के बीच चलती ट्रेन में दरिंदगी की। इस दौरान उसने छात्रा के साथ न केवल अश्लील हरकतें कीं, बल्कि उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद भी आरोपी ने उसे चुप रहने के लिए धमकाया।

​पीड़िता की बहादुरी: केबिन के अंदर से ही घुमाया 112 नंबर

​इस पूरी घटना में सबसे सराहनीय पहलू पीड़िता की हिम्मत रही। दरिंदगी का शिकार होने के बावजूद उसने हार नहीं मानी। जैसे ही उसे मौका मिला, उसने केबिन के भीतर से ही ‘डायल 112’ पर फोन कर पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और मदद की गुहार लगाई। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही रेल महकमे और जीआरपी (GRP) में हड़कंप मच गया।

​जैसे ही ट्रेन देवरिया स्टेशन के करीब पहुँची, पुलिस की मुस्तैदी और प्लेटफार्म पर बढ़ती हलचल देखकर आरोपी टीटीई राहुल कुमार को अपनी गिरफ्तारी का आभास हो गया। पकड़े जाने के डर से वह चलती ट्रेन से कूद गया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

​रेलवे की कार्रवाई और फरार टीटीई पर इनाम घोषित

​इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे और पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। देवरिया जीआरपी ने आरोपी टीटीई राहुल कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वाराणसी डिवीजन में तैनात इस टीटीई को रेलवे ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

​पुलिस अधीक्षक (रेलवे) के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उसकी गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।

​यात्रियों की सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल

​यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि उन हजारों महिलाओं और छात्राओं के विश्वास पर चोट है जो अकेले सफर करती हैं। एक रेल कर्मचारी, जिसकी जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा और सहायता करना है, वही अगर भक्षक बन जाए तो आम आदमी कहाँ जाए?

​सफर के दौरान अटेंडेंट, टीटीई और पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद फर्स्ट एसी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले कोच में ऐसी वारदात का होना रेलवे के सुरक्षा तंत्र पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। क्या केवल सीसीटीवी और हेल्पलाइन नंबर ही सुरक्षा के लिए काफी हैं, या कर्मचारियों के नैतिक व्यवहार पर भी निगरानी की जरूरत है?

निष्कर्ष (Conclusion)

​गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस की यह घटना समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। एक एनसीसी कैडेट, जो देश सेवा का सपना देख रही है, उसके साथ इस तरह की दरिंदगी सिस्टम की खामियों को उजागर करती है। हालांकि, पीड़िता की सूझबूझ और तत्काल पुलिस को सूचना देने के कदम ने यह सुनिश्चित किया कि अपराधी अब कानून की नजरों से बच नहीं पाएगा। जरूरत है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय हो ताकि दोबारा कोई ‘रक्षक’ ऐसी ‘भक्षक’ वाली हरकत न कर सके।।