मथुरा-आगरा में गूंजी उत्सव की किलकारियां: बचाए गए हाथियों और भालुओं ने लजीज दावत के साथ मनाया क्रिसमस

वाइल्डलाइफ एसओएस के केंद्रों में सांता बनकर पहुंचे केयरटेकर्स, उपहारों और फलों की दावत पाकर खिले बेजुबानों के चेहरे मथुरा/आगरा:क्रिसमस का त्योहार सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बेजुबान…

जंजीरों से आजादी के गौरवशाली साल: हाथी ‘सूरज’ और ‘राजेश’ ने मनाई अपनी मुक्ति की वर्षगाँठ

वाइल्डलाइफ एसओएस के संरक्षण केंद्र में 10 और 15 साल की सफल रिकवरी; मंदिर और सर्कस की पीड़ा को पीछे छोड़ अब ले रहे हैं सुकून की सांस। मथुरा: कहते…

संयुक्त अभियान में बचाई गई घायल मादा लकड़बग्घे की जान: आगरा में वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग ने किया चमत्कार

गंभीर रूप से घायल और निर्जलित लकड़बग्घे को मिला तत्काल उपचार; किसानों की त्वरित सूचना ने बचाई जान आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में वन्यजीव बचाव की एक सराहनीय…

हाथी राजू की आज़ादी के 11 साल पूरे: उत्पीड़न से मुक्ति और करुणा की एक मिसाल

वाइल्डलाइफ एसओएस के साथ मनाया जश्न, मथुरा में जी रहा है शांतिपूर्ण जीवन मथुरा, भारत – भारत के सबसे प्रसिद्ध हाथियों में से एक, राजू, जिसने ‘द एलिफेंट हू क्राइड’…

क्रूरता से मुक्ति: ज़ारा का 5 साल का सफ़र

उत्तर प्रदेश की सड़कों से मथुरा के हाथी अस्पताल तक का प्रेरणादायक सफर वाइल्डलाइफ़ एसओएस की बदौलत मथुरा के हाथी अस्पताल परिसर में हाथी ज़ारा के लिए एक नया अध्याय…

छोटी अनाथ भालू शावक ‘जेनी’ को वाइल्डलाइफ एसओएस में मिला नया जीवन

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अपनी माँ को मानव-वन्यजीव संघर्ष में खोने वाली एक पाँच महीने की अनाथ मादा भालू शावक, जिसे अब ‘जेनी’ नाम दिया गया है, को…