
तीन साल पुरानी शादी में रंग को लेकर शुरू हुआ था विवाद, आगरा परिवार परामर्श केंद्र में फूलों के साथ हुई विदाई
आगरा। अक्सर कहा जाता है कि सुंदरता देखने वाले की आंखों में होती है, लेकिन जब यही नजरिया संकुचित हो जाए तो हंसते-खेलते घर उजड़ जाते हैं। ताजनगरी आगरा में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक पति अपनी पत्नी के सांवले रंग को लेकर लगातार उसे प्रताड़ित कर रहा था। विवाद इतना बढ़ा कि मामला परिवार परामर्श केंद्र जा पहुंचा। लेकिन वहां जो हुआ, उसने न केवल उस पति को अपनी गलती का अहसास कराया, बल्कि समाज को भी एक बड़ा संदेश दिया।
रंग को लेकर ताने और दो महीने का अलगाव
जानकारी के मुताबिक, इस जोड़े की शादी तीन साल पहले हुई थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे पति ने पत्नी के रंग को लेकर छींटाकशी शुरू कर दी। वह अपनी पत्नी को ‘काली’ कहकर अपमानित करता था, जिससे घर में आए दिन कलह होने लगी। पति के दुर्व्यवहार से तंग आकर विवाहिता पिछले दो महीने से अपने मायके में रह रही थी।
जब काउंसलर ने दिखाया हकीकत का आईना
शनिवार को आगरा के परिवार परामर्श केंद्र में इस मामले की दूसरी काउंसलिंग थी। काउंसलर ने जब पति की बातें सुनीं, तो उन्होंने उसे समझाने की कोशिश की कि वैवाहिक जीवन की बुनियाद आपसी सम्मान और चरित्र पर टिकी होती है, न कि त्वचा के रंग पर।
जब पति अपनी बात पर अड़ा रहा, तो काउंसलर ने एक मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीका अपनाया। उन्होंने पति को आईना दिखाया और तुलनात्मक रूप से यह महसूस कराया कि उसका अपना रंग भी उसकी पत्नी से ज्यादा गहरा (काला) है। जब पति ने खुद को आईने में देखा और अपनी खामियों को समझा, तो वह निरुत्तर हो गया। उसे अपनी गलती का अहसास हुआ कि जिस आधार पर वह अपनी पत्नी को नीचा दिखा रहा था, वह कितना बेबुनियाद था।
फूलों के साथ हुई नई शुरुआत
अपनी गलती स्वीकार करने के बाद पति ने भविष्य में ऐसी हरकत न करने का वादा किया। काउंसलर ने दोनों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने की नसीहत दी। समझौते के बाद, केंद्र के सदस्यों ने जोड़े का फूलों से स्वागत किया और उन्हें हंसी-खुशी साथ विदा किया।
परामर्श केंद्र की रिपोर्ट: शनिवार को केंद्र में कुल 45 मामले सामने आए थे। आपसी बातचीत और सही मार्गदर्शन के जरिए कई परिवारों को टूटने से बचाया गया। जिन मामलों में सहमति नहीं बन पाई, उन्हें अगली तारीख दी गई है।




