उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई जिसने सोमवार को सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया। समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम हैंडल से एक ऐसी पोस्ट साझा की गई, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से तलाक लेने की बात कही।

जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद अपर्णा यादव के परिवार और उनकी टीम ने सामने आकर इस पूरे मामले की सच्चाई बताई और इन खबरों को पूरी तरह निराधार करार दिया।

क्या था उस वायरल इंस्टाग्राम पोस्ट में?

प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा की गई पोस्ट में बेहद गंभीर और व्यक्तिगत आरोप लगाए गए थे। पोस्ट में लिखा गया था, “मैं इस स्वार्थी महिला से जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक संबंधों को बर्बाद कर दिया है। वह सिर्फ नाम और दबदबा बनाना चाहती है। इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है और उसे कोई परवाह नहीं है।

“इतना ही नहीं, पोस्ट में आगे ‘बुरी आत्मा’ जैसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पति-पत्नी के बीच विवाद काफी गहरा चुका है। इस पोस्ट के सामने आते ही मीडिया में अटकलें शुरू हो गई थीं कि क्या मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक और दरार पड़ गई है।

अपर्णा यादव की टीम और भाई ने दी सफाई

तलाक की इन खबरों के जोर पकड़ते ही अपर्णा यादव के खेमे में हलचल बढ़ गई। अपर्णा यादव के भाई ने मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर कहा कि यह पोस्ट प्रतीक यादव ने नहीं की है। उन्होंने खुलासा किया कि प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है और किसी शरारती तत्व ने परिवार की छवि खराब करने के उद्देश्य से यह आपत्तिजनक पोस्ट डाली है।

अपर्णा यादव की टीम ने बयान जारी कर समर्थकों और जनता से अपील की है कि वे ऐसी फर्जी खबरों पर विश्वास न करें। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है ताकि अपर्णा यादव की राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।

राजनीतिक गलियारों में हलचल और सपा की प्रतिक्रिया

चूंकि मामला हाई-प्रोफाइल परिवार से जुड़ा था, इसलिए राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस मुद्दे पर बहुत ही नपे-तुले अंदाज में अपनी बात रखी। सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा, “यह उनका नितांत निजी और पारिवारिक मामला है। इस पर दोनों पक्ष ही बेहतर बता सकते हैं। सोशल मीडिया पर कौन सी खबर कहां से आती है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती। चूंकि यह कोई नीतिगत या राजनीतिक मसला नहीं है, इसलिए पार्टी का इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर

बता दें कि अपर्णा यादव लंबे समय से अपनी अलग पहचान बनाने में जुटी हैं। 2017 में उन्होंने लखनऊ कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि, 2022 के चुनावों से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय हैं। वह अक्सर अपने बयानों और सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा में रहती हैं।

दूसरी ओर, प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपने बिजनेस और फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करते हैं। दोनों की शादी को कई साल हो चुके हैं और सार्वजनिक मंचों पर उन्हें अक्सर एक साथ देखा जाता रहा है। ऐसे में अचानक आई इस पोस्ट ने हर किसी को चौंका दिया था।

डिजिटल सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सेलिब्रिटीज और राजनीतिक हस्तियों की डिजिटल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि प्रतीक यादव का अकाउंट सच में हैक हुआ है, तो यह साइबर सुरक्षा में एक बड़ी सेंधमारी है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की ‘फेक न्यूज’ न केवल किसी के निजी जीवन में तनाव पैदा करती हैं, बल्कि समाज में भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न करती हैं।

निष्कर्ष:- प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के बीच तलाक की खबरें महज एक डिजिटल शरारत और हैकिंग का परिणाम नजर आ रही हैं। परिवार की ओर से आई सफाई ने फिलहाल इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले में कोई पुलिस या साइबर सेल की शिकायत दर्ज कराई जाती है।

पाठकों के लिए एक प्रश्न: क्या आपको लगता है कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हस्तियों के निजी जीवन को लेकर होने वाली ट्रोलिंग और फेक न्यूज के खिलाफ सख्त कानून की जरूरत है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।