वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने सोशल मीडिया पर पुरानी और भ्रामक क्लिप्स फैलाने वालों को दी कड़ी चेतावनी; श्रीजी में आस्था रखने वाले भक्तों को हो रही परेशानी

वृंदावन। सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज के पुराने और फर्जी वीडियो की बाढ़ आने के बाद, स्वयं संत ने ऐसे तत्वों को सख्त लहजे में नसीहत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन भ्रामक क्लिप्स से उन्हें व्यक्तिगत रूप से तो कष्ट नहीं है, लेकिन राधा रानी (श्रीजी) में गहरी आस्था रखने वाले भक्तों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई भक्त दूर-दराज से उनके आश्रम में आकर इन अफवाहों की सच्चाई जानने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसा करने वालों को चेतावनी देते हुए संत प्रेमानंद महाराज ने दो टूक कहा है कि “ऐसा अपराध कर रहे हो, परिणाम भुगत नहीं पाओगे।

“पदयात्रा स्थगित होने के बाद बढ़ी फर्जी वीडियो की समस्या

दरअसल, संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद से ही, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उनकी सेहत और अन्य विषयों से जुड़ी फर्जी और पुरानी वीडियो क्लिप्स तेज़ी से वायरल होने लगीं। इन वीडियो को देखकर देशभर के उनके अनुयायी और भक्त चिंतित हो उठे।

चिंता की इसी लहर के चलते, कई लोग सीधे उनके आश्रम में आकर जानकारी लेने लगे, जबकि अन्य लोग अपने परिचितों से महाराज जी के स्वास्थ्य के बारे में पता करने में जुट गए। भक्तों के बीच फैलते इस भ्रम और कष्ट को देखते हुए ही, संत प्रेमानंद महाराज ने एकांतिक वार्तालाप के दौरान एक बार फिर इस गंभीर विषय पर बात की और फर्जी वीडियो फैलाने वालों को कठोर शब्दों में चेताया। उन्होंने इस तरह के कृत्य को ‘अपराध’ करार देते हुए इसके गंभीर परिणामों की तरफ इशारा किया है।