आगरा। ताजनगरी के प्रतिष्ठित आगरा कॉलेज के इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी संकाय (FET) में आज से दो दिवसीय वार्षिक तकनीकी महोत्सव ‘प्रज्वलन 2026’ का अत्यंत भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। तकनीक, तर्क और रचनात्मकता के इस अनूठे संगम ने न केवल कॉलेज परिसर, बल्कि पूरे आगरा मंडल के शैक्षणिक वातावरण में एक नई ऊर्जा भर दी है।

​प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस आयोजन ने पहले ही दिन यह साबित कर दिया कि भारतीय युवाओं के पास भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अद्भुत तकनीकी दृष्टिकोण और समाधान मौजूद हैं।

​दीप प्रज्ज्वलन के साथ तकनीकी क्रांति की शुरुआत

​समारोह का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी श्री नीरज गुप्ता, विशिष्ट अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. अरुणोदय वाजपेई तथा प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मां सरस्वती की वंदना और गरिमामयी उपस्थिति के बीच अतिथियों का स्वागत करते हुए समन्वयक डॉ. यादवेंद्र शर्मा ने कहा कि ‘प्रज्वलन’ केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त माध्यम है।

​डॉ. शर्मा ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में किताबी ज्ञान से कहीं अधिक व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) की आवश्यकता है, और प्रज्वलन जैसे मंच इसी कमी को पूरा करते हैं।

​’प्रज्वलन 2026′ की रूपरेखा: कोडिंग से लेकर रोबो रेस तक का रोमांच

​कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुज कुमार पाराशर ने महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय तकनीकी महाकुंभ में कुल 17 विभिन्न प्रकार की तकनीकी और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का जाल बिछाया गया है।

​प्रतियोगिताओं के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:

  1. रोबो रेस: जहाँ मशीनों की गति और नियंत्रण का अद्भुत तालमेल देखने को मिला।
  2. कोडिंग कार्निवल: प्रोग्रामिंग के दिग्गजों के बीच लॉजिक और एल्गोरिदम की जंग।
  3. स्टार्ट-अप हीस्ट: नए व्यापारिक विचारों (Business Ideas) को मंच देने की एक अनूठी पहल।

​ये प्रतियोगिताएं न केवल छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बना रही हैं, बल्कि उनमें टीम वर्क और समस्या समाधान (Problem Solving) जैसे गुणों का भी विकास कर रही हैं।

​”तकनीक समाज के कल्याण के लिए हो” – प्रो. सी. के. गौतम

​अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए एक अत्यंत प्रेरणादायी बात कही। उन्होंने कहा, “प्रज्वलन हमारे विद्यार्थियों के नवाचार, कल्पनाशीलता और उनके सपनों की ऊँची उड़ान का सजीव प्रतीक है। मुझे गर्व है कि हमारे छात्र केवल तकनीक नहीं सीख रहे, बल्कि भविष्य के भारत का निर्माण कर रहे हैं।”

​वहीं, मुख्य अतिथि श्री नीरज गुप्ता ने युवाओं को याद दिलाया कि तकनीक की असली सार्थकता तभी है जब उसका उपयोग सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए किया जाए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे ऐसे गैजेट्स और सॉफ्टवेयर विकसित करें जो आम आदमी के जीवन को सुगम बना सकें।

​टीम वर्क और कुशल प्रबंधन की मिसाल

​किसी भी बड़े आयोजन की सफलता उसके पीछे काम करने वाली टीम पर निर्भर करती है। डॉ. भूपेंद्र चिकारा के मार्गदर्शन में समन्वय समिति ने प्रतियोगिताओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया। कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापकों, जिनमें डॉ. अनुराग शर्मा, डॉ. आर. के. शर्मा, और ई. आनंद कुमार प्रमुख थे, की उपस्थिति ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया।

​विशेष रूप से छात्र समन्वयकों की टीम—नंदिनी, प्रबल, संदीप, आयुष, यश और उनके साथियों—ने दिन-रात एक कर इस आयोजन को धरातल पर उतारा। मंच का सफल संचालन प्रथम वर्ष की छात्रा ओजस्वी ने अपनी ओजपूर्ण वाणी से किया, जिससे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों का उत्साह बना रहा।

​आगे क्या? दूसरे दिन का इंतजार

​महोत्सव के पहले दिन मिली अपार सफलता के बाद अब सबकी नजरें दूसरे दिन यानी 29 मार्च के आयोजनों पर टिकी हैं। कल ‘रोबो वॉर’ (Robo War) जैसी सबसे रोमांचक प्रतियोगिता होनी है, जिसमें रोबोट्स के बीच का कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। इसके साथ ही मॉडल प्रदर्शनी में छात्र अपने वर्किंग मॉडल्स के जरिए विज्ञान के कठिन सिद्धांतों को सरलता से समझाएंगे। कार्यक्रम के अंत में विजयी प्रतिभागियों को प्राचार्य महोदय द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाएगा।