आगरा कॉलेज के ऐतिहासिक परिसर में सात दिनों से चल रही सेवा और अनुशासन की त्रिवेणी का आज भव्य समापन हो गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के विशेष शिविर के अंतिम दिन स्वयंसेवकों के चेहरों पर न केवल संतोष की लहर थी, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का एक नया संकल्प भी दिखाई दिया। ‘माय भारत’ (MY Bharat) और ‘डिजिटल साक्षरता’ जैसे समसामयिक विषयों को केंद्र में रखकर आयोजित इस शिविर ने युवाओं को आधुनिक भारत की नई तस्वीर से रूबरू कराया।

​सुबह की शुरुआत: व्यायाम और सामूहिक श्रमदान का संदेश

​शिविर के अंतिम दिन की शुरुआत सुबह 6:00 बजे ऊर्जा से भरपूर व्यायाम और ज़ुम्बा सत्र के साथ हुई। शारीरिक स्फूर्ति के बाद, सभी स्वयंसेवकों ने ‘सामूहिक श्रमदान’ के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। शिविर के अधिकारियों ने बताया कि श्रमदान का मूल उद्देश्य युवाओं के मन में सेवा और समर्पण की भावना को जागृत करना है। स्वयंसेवकों ने न केवल परिसर की सफाई की, बल्कि यह संदेश भी दिया कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता।​

प्रातःकालीन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो. विपिन कुमार सिंह और मुख्य प्रानुशासक प्रो. विजय कुमार सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं के अनुशासन की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।​

मुख्य विषय: ‘माय भारत’ पोर्टल और डिजिटल साक्षरता​

इस वर्ष के शिविर का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ “माय भारत एवं डिजिटल साक्षरता के लिए युवा” रहा। समापन समारोह की मुख्य अतिथि और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पूनम तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान युग तकनीक का है। उन्होंने ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) पोर्टल के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यह मंच युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने और उन्हें सरकारी योजनाओं व सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

​डॉ. तिवारी ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में केवल साक्षर होना काफी नहीं है, बल्कि ‘डिजिटल साक्षरता’ समय की मांग है। यदि देश का युवा डिजिटल रूप से सक्षम होगा, तभी वह वैश्विक पटल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकेगा।​

मेधावी स्वयंसेवकों का सम्मान और सांस्कृतिक झलक

​सात दिनों तक चली विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले स्वयंसेवकों के लिए आज का दिन पुरस्कारों की सौगात लेकर आया। प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम और अन्य अतिथियों ने विजयी प्रतिभागियों को पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मंच का कुशल संचालन डॉ. सत्यदेव शर्मा और शिवम सारस्वत ने किया, जिन्होंने अपने शब्दों से कार्यक्रम में नई जान फूंक दी।​

प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि NSS केवल एक सात दिवसीय गतिविधि नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक पद्धति है। यहाँ सीखा हुआ अनुशासन और सेवा भाव छात्रों के भविष्य निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।​

कुशल प्रबंधन और गणमान्य जनों की उपस्थिति

शिविर की सफलता के पीछे कार्यक्रम अधिकारियों की एक बड़ी टीम का कठिन परिश्रम रहा। डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. अविनाश जैन, श्री रविशंकर सिंह, श्री सुरेन्द्र पाल सिंह, कु. ललिता सिंह, डॉ. माधुरी यादव, डॉ. चेतन गौतम, डॉ. शिवकुमार सिंह और प्रो. पी. के. झा के मार्गदर्शन में पूरा आयोजन सुव्यवस्थित रहा।​

इस अवसर पर कॉलेज के अनेक वरिष्ठ प्राध्यापक उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. पी. बी. झा, प्रो. शशिकांत पांडे, प्रो. अमिता सरकार, डॉ. जीनेश और मीडिया प्रभारी प्रो. गौरव कौशिक सहित लगभग सभी विभागों के प्रमुखों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक राष्ट्रगान हुआ, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।