
आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद सामाजिक दबाव और लोक-लाज के बीच परिवारों ने लिया बड़ा फैसला, सादगी से संपन्न हुई रस्में।
गाजियाबाद/मेरठ: पिछले दिनों ‘नमो भारत’ रैपिड ट्रेन में एक छात्र-छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया था। इस घटना ने जहाँ सुरक्षा और निजता पर सवाल खड़े किए थे, वहीं संबंधित युवक-युवती के परिवारों के लिए यह बेहद कठिन समय था। अब इस पूरे मामले में एक सकारात्मक मोड़ सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, विवादों के साये से बाहर निकलते हुए दोनों परिवारों ने युवक और युवती की सगाई करा दी है।
परिवारों ने चुना ‘लोक-लाज’ से ऊपर ‘रिश्ते’ का रास्ता
वीडियो वायरल होने के बाद छात्र और छात्रा के परिजनों को काफी सामाजिक उपहास का सामना करना पड़ा था। सूत्रों के मुताबिक, युवक मोदीनगर का निवासी है और बीटेक कर रहा है, जबकि युवती बीबीए की छात्रा है। दोनों एक ही जाति से ताल्लुक रखते हैं। शुरुआत में बदनामी के डर से परिजनों ने दोनों को कुछ समय के लिए शहर से बाहर भेज दिया था, लेकिन अंततः सामाजिक दबाव और बच्चों के भविष्य को देखते हुए दोनों परिवारों ने आपस में सहमति जताई और सगाई की रस्म पूरी की।
सादगी से होगी शादी
परिजनों का कहना है कि जैसे ही शादी के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे, दोनों को विवाह के बंधन में बांध दिया जाएगा। हालांकि, यह आयोजन बेहद निजी होगा। इसमें केवल परिवार के करीबी सदस्य ही शामिल होंगे ताकि किसी भी तरह के अनावश्यक विवाद या चर्चा से बचा जा सके।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 24 नवंबर की शाम की है, जब गाजियाबाद से मेरठ की ओर जा रही नमो भारत ट्रेन में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का फुटेज लीक हो गया था। 20 दिसंबर को करीब 1 से 3 मिनट के चार अलग-अलग वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें दोनों आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे थे।
कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
इस मामले में RRTS (आरआरटीएस) प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए मुरादनगर थाने में केस दर्ज कराया था। एफआईआर में उस ट्रेन ऑपरेटर को भी नामजद किया गया है, जिस पर वीडियो लीक करने का आरोप है। पुलिस ने युवक-युवती को ‘अज्ञात’ की श्रेणी में रखा था। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सगाई या शादी के संबंध में उनके पास कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन वे वीडियो लीक करने वाले दोषी पर कानूनी कार्यवाही कर रहे हैं।




