
14 जनवरी को मकर राशि में पिता-पुत्र का महासंयोग; मेष, तुला और कुंभ राशि वालों के शुरू होंगे ‘अच्छे दिन’
नई दिल्ली: हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक, मकर संक्रांति 2026 इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद असाधारण होने वाली है। 14 जनवरी, बुधवार को जब सूर्य देव अपने पुत्र शनि की राशि ‘मकर’ में प्रवेश करेंगे, तो एक ऐसा दुर्लभ संयोग बनेगा जो कई जातकों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाएगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल की संक्रांति विशेष रूप से मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए तरक्की के नए द्वार खोलने वाली साबित होगी।
दान-पुण्य और पवित्र स्नान का महापर्व
मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों, विशेषकर मां गंगा में स्नान करने का सदियों पुराना महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान और तप न केवल आत्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु का वरदान भी दिलाता है। इस बार सूर्य और शनि का यह मिलन ‘कर्म फल’ के सिद्धांत को सक्रिय करेगा, जिससे लंबे समय से अटके हुए कार्यों को गति मिलेगी।
इन 3 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की विशेष कृपा
इस खगोलीय घटना का सबसे अधिक लाभ निम्नलिखित तीन राशियों को मिलने की संभावना है:
1. मेष राशि: आर्थिक मजबूती और मानसिक शांतिमेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं है। शनिदेव की कृपा से आपके मन में चल रही उथल-पुथल शांत होगी।
लाभ: आय के नए स्रोत बनेंगे और भविष्य के लिए बड़े निवेश की योजना सफल होगी।
उपाय: भाग्योदय के लिए इस दिन काले तिल या काली वस्तुओं का दान करें।
2. तुला राशि: पद-प्रतिष्ठा और संपत्ति में वृद्धि
तुला राशि वालों के लिए मकर संक्रांति खुशियों की सौगात लेकर आ रही है। यदि आप जमीन-जायदाद से जुड़े किसी विवाद में फंसे थे, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।
लाभ: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिल सकता है और परिवार से आर्थिक सहयोग प्राप्त होगा।
शुभ संकेत: सामाजिक मान-सम्मान में भारी बढ़ोतरी के योग हैं।
3. कुंभ राशि: करियर में स्थिरता और बड़ी सफलता
चूंकि कुंभ राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं, इसलिए यह संक्रांति आपके लिए ‘गोल्डन पीरियड’ की शुरुआत है।
लाभ: पिछले कई समय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स अब रफ्तार पकड़ेंगे। निजी जीवन की परेशानियां दूर होंगी और करियर में स्थायित्व आएगा।
विशेष: शनिदेव की सीधी दृष्टि आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी।
कैसे उठाएं इस शुभ संयोग का लाभ?
ज्योतिषियों के अनुसार, इस विशेष दिन का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए जातकों को कुछ सरल उपाय करने चाहिए:
शिवलिंग का अभिषेक: शिवलिंग पर कच्चे दूध या गंगाजल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
परिश्रम और सेवा: शनिदेव न्याय के देवता हैं, इसलिए आलस्य का त्याग कर अपने कर्म पर ध्यान दें और जरूरतमंदों की सहायता करें।




