
नगर आयुक्त की बात मानने पर भड़के हर्ष, ACG अशोक प्रिय गौतम को दी जान से मारने की धमकी
आगरा, उत्तर प्रदेश: मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह के भतीजे हर्ष दिवाकर एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार उन पर सहायक नगर आयुक्त (ACG) अशोक प्रिय गौतम के साथ सार्वजनिक कार्यक्रम में बदसलूकी करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना से नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।
ACG अशोक प्रिय गौतम ने बताई पूरी घटना
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान हर्ष दिवाकर ने उनके साथ अभद्रता की और यहां तक कि उन पर मारपीट करने का भी आरोप है।
गौतम ने बताया, “हर्ष दिवाकर पहले भी फोन पर गलत भाषा का प्रयोग करते थे, लेकिन उन्होंने इस बार सारी हदें पार कर दीं। पब्लिक प्रोग्राम में उन्होंने मेरे साथ बदसलूकी की। उन्होंने मुझसे पूछा, ‘तुम नगर आयुक्त की बात क्यों मानते हो?’ मैंने उनसे कहा कि मैं अपने बॉस (नगर आयुक्त) की नहीं तो किसकी बात मानूंगा? बस, इसी बात पर वह भड़क गए।
“ACG गौतम का आरोप है कि हर्ष ने उन्हें धमकी दी कि अगर वह नगर आयुक्त का साथ नहीं छोड़ेंगे, तो उन्हें पिटवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “नगर आयुक्त की बात मानते रहोगे तो पिटाई के अलावा जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है।” अशोक प्रिय गौतम ने स्पष्ट किया है कि वह हर्ष दिवाकर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
पहले भी वॉट्सऐप पर दी थी धमकी
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने यह भी आरोप लगाया कि हर्ष दिवाकर उन्हें पूर्व में भी वॉट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए धमकी दे चुके हैं। गौतम के अनुसार, हर्ष दिवाकर अपने व्यक्तिगत कार्य कराना चाहते हैं, जिसके लिए दबाव बनाया जा रहा है।
हर्ष दिवाकर पर पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप
यह पहली बार नहीं है जब मेयर के भतीजे हर्ष दिवाकर का नाम किसी विवाद से जुड़ा है। हर्ष, जो मेयर के सहायक के रूप में हर समय उनके साथ रहते हैं, उन पर पहले भी अधिकारियों को डराने-धमकाने के आरोप लगे हैं:
इंजीनियर को उठाकर ले जाने का आरोप: इससे पहले उन पर एक इंजीनियर को उठाकर ले जाने का गंभीर आरोप लगा था। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही इंजीनियर को छोड़ा गया था।
कार्यकारिणी बैठक में हस्तक्षेप: एक बार नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचकर भी उन्होंने हस्तक्षेप किया था, जबकि इस बैठक में केवल कार्यकारिणी सदस्य ही मौजूद रहते हैं। उनकी इस हरकत पर सदस्यों ने कड़ा विरोध भी जताया था।
मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने आरोपों को नकारा
पूरे मामले पर मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने आधिकारिक बयान दिया है। उन्होंने कहा, “इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है। सहायक नगर आयुक्त पूरे कार्यक्रम में मेरे साथ थे और हमने अन्य कर्मचारियों के साथ स्टेडियम का निरीक्षण किया था। ऐसा कोई भी मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है।”
कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश
इस घटना से नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश है। अधिकारियों का कहना है कि काम में हस्तक्षेप और सार्वजनिक बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ACG द्वारा कानूनी कार्रवाई की घोषणा के बाद देखना होगा कि यह मामला क्या मोड़ लेता है।




