रंग-बिरंगी लाइटों और क्रिसमस ट्री से सजे शहर के चर्च, आज मध्यरात्रि विशेष ‘मिडनाइट मास’ के साथ गूंजेंगे शांति और प्रेम के संदेश

आगरा। दुनिया भर के साथ-साथ मोहब्बत की नगरी आगरा में भी क्रिसमस के पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। ताजनगरी के प्रमुख गिरिजाघरों में प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव की तैयारियां अब अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। शहर के ऐतिहासिक चर्चों को दुल्हन की तरह सजाया गया है, जिनकी भव्यता शाम ढलते ही रंग-बिरंगी रोशनी में देखते ही बन रही है।

मध्यरात्रि में होगा प्रभु का आगमन

क्रिसमस की पूर्व संध्या पर शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो गया है। आज रात ठीक 12 बजे, जब घड़ी की सुइयां एक साथ मिलेंगी, आगरा के सभी चर्चों में प्रभु यीशु के जन्म का उल्लास मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभाएं (मिडनाइट मास) आयोजित की जाएंगी। श्रद्धालु मोमबत्तियां जलाकर विश्व शांति, आपसी प्रेम और भाईचारे के लिए प्रार्थना करेंगे।

आकर्षक सजावट का केंद्र बने ऐतिहासिक चर्च

आगरा के प्रतिष्ठित सेंट पीटर्स चर्च, सेंट पॉल चर्च और सेंट मैरी चर्च सहित अन्य गिरिजाघरों को विशेष रूप से सजाया गया है। चर्च के मुख्य हॉल और प्रवेश द्वारों पर की गई लाइटिंग पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

क्रिसमस ट्री: चर्च परिसरों में विशाल क्रिसमस ट्री लगाए गए हैं, जिन्हें सितारों, घंटियों और रिबन से सजाया गया है।

सांता क्लॉज: बच्चों के लिए सांता क्लॉज की विशेष आकृतियां और झांकियां तैयार की गई हैं।

संदेश: दीवारों पर प्रभु यीशु के मानवता और शांति के संदेशों को प्रदर्शित किया गया है, जो आगंतुकों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव करा रहे हैं।

सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चर्च प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। साफ-सफाई से लेकर पार्किंग और प्रवेश द्वारों पर वालंटियर्स की तैनाती की गई है ताकि प्रार्थना के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

ताजनगरी में क्रिसमस का यह त्योहार न केवल ईसाई समुदाय की आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह शहर की साझा संस्कृति और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनुपम मिसाल भी पेश करता है। बाज़ारों में भी केक, उपहारों और सजावटी सामानों की भारी मांग देखी जा रही है, जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।