
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने तत्काल काम रुकवाया, अधिकारियों से पूछा- ‘जनता के धन की बंदरबांट क्यों?
आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा की महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने सोमवार को अचानक पश्चिमपुरी रोड पर औचक निरीक्षण किया, जिसके बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया। सड़क और नाले के निर्माण कार्यों को होते देख महापौर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उनका सख्त सवाल था कि जिन कार्यों को दो साल पहले ही कागजों में ‘पूर्ण’ दिखाया जा चुका है, उन्हें अब दोबारा क्यों किया जा रहा है?
‘कागजों में काम पूरा, जमीन पर अब क्यों?
‘महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाते हुए लीपापोती बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इंटरलॉकिंग और नाले के जिन निर्माण कार्यों को अधिकारी पहले ही रिकॉर्ड में पूरा दिखा चुके हैं, उनका निर्माण अब फिर से शुरू करने का क्या औचित्य है?
महापौर ने सवाल उठाया, “यह जनता के धन की बंदरबांट है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“उन्होंने अधिकारियों से मौके पर ही पूछा कि यह निर्माण कार्य किस टेंडर के तहत या किस मद में स्वीकृत हुआ है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने तत्काल काम रोकने के आदेश जारी किए और चेतावनी दी कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सदन में उठे भ्रष्टाचार के मुद्दे के बाद हुई कार्रवाई
महापौर का यह अचानक निरीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले आयोजित सदन की बैठक में पार्षदों ने सड़क निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर मुद्दा उठाया था। मामले की गंभीरता को समझते हुए, महापौर ने पार्षदों की एक जांच कमेटी गठित की थी।
इस कमेटी ने रविवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में पूरे मामले की थर्ड पार्टी जांच (Third Party Audit) कराने की संस्तुति की गई है।
‘भ्रष्टाचारी बचेंगे नहीं, मामले को CM के समक्ष रखूंगी
‘महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने कहा है कि वह पूरे मामले की थर्ड पार्टी जांच कराने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगी।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “कोई कितना भी षड्यंत्र रच ले, इस बार भ्रष्टाचारी नहीं बच पाएंगे।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह इस पूरे मामले को गंभीरता के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगी, ताकि दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
महापौर के सख्त रुख से आगरा नगर निगम के निर्माण विभाग में बेचैनी बढ़ गई है।




