
होली का त्योहार खुशियों और अपनों के मिलन का त्योहार है। लेकिन, उत्तर भारत में इस दौरान ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ अक्सर यात्रियों के लिए सिरदर्द बन जाती है। यात्रियों की इसी परेशानी को समझते हुए आगरा रेल मंडल ने इस बार कमर कस ली है। रेलवे ने आगरा और आसपास के स्टेशनों से गुजरने वाली 50 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
इस कदम से न केवल आगरा बल्कि मथुरा, टूंडला और अछनेरा जैसे प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है। आइए जानते हैं क्या है इन ट्रेनों का शेड्यूल और रेलवे ने सुरक्षा के लिए क्या खास इंतजाम किए हैं।
आगरा मंडल की बड़ी सौगात: 50 अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन
त्योहारों के सीजन में दिल्ली, मुंबई और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। आगरा रेल मंडल की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव के अनुसार, यात्रियों के भारी दबाव को देखते हुए रेलवे ने कुल 18 जोड़ी (लगभग 50 फेरे) होली विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। ये ट्रेनें मुख्य रूप से उन रूटों पर चलाई जा रही हैं जहाँ वेटिंग लिस्ट सबसे लंबी रहती है।
इन ट्रेनों के संचालन से न केवल भीड़ कम होगी, बल्कि यात्रियों को दलालों के चंगुल में फंसने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। रेलवे का लक्ष्य है कि ‘कन्फर्म टिकट’ की उपलब्धता को अधिकतम स्तर तक ले जाया जा सके।
ईदगाह से श्रीगंगानगर: पश्चिमी यूपी और राजस्थान के यात्रियों को सीधा लाभ
आगरा के ईदगाह स्टेशन से श्रीगंगानगर के बीच विशेष ट्रेन का संचालन 4 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक चलेगा। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन, यानी बुधवार और बृहस्पतिवार को उपलब्ध रहेगी।
- ट्रेन नंबर 04733: यह ट्रेन श्रीगंगानगर से बुधवार दोपहर 2:30 बजे रवाना होगी और शुक्रवार सुबह 5:15 बजे ईदगाह (आगरा) पहुंचेगी।
- ट्रेन नंबर 04734: वापसी में यह ट्रेन ईदगाह जंक्शन से बृहस्पतिवार रात 2:30 बजे प्रस्थान करेगी।
खास बात यह है कि इस ट्रेन में कुल 19 डिब्बे होंगे, जिनमें स्लीपर से लेकर एसी तृतीय श्रेणी और सामान्य डिब्बे शामिल हैं। यह ट्रेन मथुरा, गोवर्धन और अछनेरा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और व्यापारिक केंद्रों पर रुकेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को सीधा फायदा होगा।
दिल्ली, बिहार और गुजरात के लिए विशेष कनेक्टिविटी
आगरा के यात्री सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों के लिए भी आसानी से यात्रा कर सकेंगे। रेलवे ने लंबी दूरी की कई ट्रेनों की घोषणा की है जो टूंडला और आगरा कैंट जैसे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी:
- गांधीधाम-भागलपुर (09451/52): यह ट्रेन शुक्रवार और सोमवार को चलेगी, जो गुजरात और बिहार को जोड़ेगी।
- रक्सौल-उधना (05559/60): बिहार से सूरत (गुजरात) जाने वाले यात्रियों के लिए यह संजीवनी साबित होगी।
- नई दिल्ली-हावड़ा आरक्षित विशेष (04052/51): यह ट्रेन 25 फरवरी से 5 मार्च तक प्रतिदिन चलेगी, जिससे बंगाल जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।
- शेखपुरा-आनंद विहार (दिल्ली): दिल्ली की ओर जाने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस रूट पर 02397/98 और 03697/98 ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान
भीड़ बढ़ने के साथ ही स्टेशनों पर अव्यवस्था और चोरी की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए आगरा रेल मंडल ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
- आरपीएफ और जीआरपी की तैनाती: प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
- क्राउड मैनेजमेंट: प्लेटफॉर्म पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष बैरिकेडिंग और ‘लाइन सिस्टम’ लागू किया जा रहा है।
- फुट ओवर ब्रिज पर निगरानी: सीसीटीवी कैमरों के जरिए रेलवे अधिकारी लगातार फुट ओवर ब्रिज और प्रवेश द्वारों की निगरानी करेंगे ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
- अतिरिक्त टिकट काउंटर: यात्रियों को टिकट के लिए लंबी कतारों में न लगना पड़े, इसके लिए आगरा कैंट और ईदगाह पर अतिरिक्त एटीवीएम (ATVM) और टिकट विंडो खोलने की योजना है।
निष्कर्ष: सुखद यात्रा का वादा
रेलवे द्वारा उठाए गए ये कदम निश्चित रूप से उन हजारों प्रवासियों के लिए राहत की खबर हैं जो होली पर अपने घर पहुंचना चाहते हैं। 50 स्पेशल ट्रेनों का जाल बिछाकर रेलवे ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि इस बार रंग का त्योहार सफर की थकान में न डूबे। हालांकि, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के माध्यम से अपनी बुकिंग जल्द से जल्द कर लें।
पाठकों के लिए प्रश्न:
क्या आपको लगता है कि त्योहारों के समय स्पेशल ट्रेनें चलाना ही एकमात्र समाधान है, या रेलवे को स्थायी रूप से कोचों की संख्या बढ़ानी चाहिए? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें!



