उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ एक नई-नवेली दुल्हन ने न केवल पवित्र विवाह बंधन का गला घोंटा, बल्कि अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए खौफनाक रास्ता अपनाया। शादी के मात्र तीन दिन बाद, दुल्हन अपने ही रिश्ते के चाचा के साथ घर के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

​सुहागरात पर खौफ: “मुझे छुआ तो मार दूंगी चाकू”

​मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के ‘नाई का नगला’ मोहल्ले का है। यहाँ के निवासी सुनील (बदला हुआ नाम), जो पेशे से शटरिंग का काम करते हैं, उनकी शादी 21 फरवरी को बड़े धूमधाम से हुई थी। 22 फरवरी को जब दुल्हन मोनिका (परिवर्तित नाम) विदा होकर अपने ससुराल आई, तो परिवार में खुशियों का माहौल था। लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह खुशी चंद घंटों की मेहमान है।

​सुनील ने बताया कि जब वह पहली रात अपने कमरे में गया, तो दुल्हन का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। जैसे ही उसने करीब आने की कोशिश की, दुल्हन ने आपा खो दिया। उसने पास रखा चाकू निकाला और सुनील पर हमला कर दिया। उसने साफ शब्दों में धमकी दी, “मुझे छूने की कोशिश भी मत करना, मैं किसी और से प्यार करती हूँ।” डरा-सहमा दूल्हा पूरी रात अलग चारपाई डालकर सोने को मजबूर हुआ।

​सोची-समझी साजिश: प्यार से खाना खिलाया और कर दिया बेहोश

​अगले दिन जब दूल्हे ने अपने ससुराल वालों को इस घटना की जानकारी दी, तो उन्होंने आकर अपनी बेटी को समझाया। दो दिन तक सब कुछ शांत रहा। ऐसा लगा मानो दुल्हन मान गई है और घर में सब सामान्य है। लेकिन यह केवल एक बड़े तूफान से पहले की शांति थी।

​25 फरवरी की शाम को मोनिका ने घर की रसोई संभाली। उसने बड़े चाव और प्यार से पूरे परिवार के लिए खाना बनाया। सुनील भावुक होकर बताते हैं, “उसने उस रात मुझे अपने हाथों से खाना खिलाया। मुझे लगा शायद वह अपनी गलती मान चुकी है।” लेकिन उस खाने में नशीली दवा मिली हुई थी। खाना खाते ही सुनील और उसके परिजन गहरी नींद में सो गए।

​15 लाख के जेवर और चाचा का साथ

​जब पूरा परिवार बेहोशी की हालत में था, दुल्हन ने अपनी असल योजना को अंजाम दिया। उसने अलमारी में रखे लगभग 10 लाख रुपये के सोने के आभूषण, 5 लाख की चांदी और पर्स में रखे 18 हजार रुपये समेटे। सुबह जब परिवार की नींद खुली, तो घर का मुख्य दरवाजा खुला था और दुल्हन गायब थी।

​तलाश करने पर पता चला कि गाँव का ही एक व्यक्ति, जो रिश्ते में दुल्हन का चाचा लगता था, वह भी उसी रात से लापता है। दुल्हन के मायके वालों ने स्वीकार किया कि उन दोनों के बीच पहले से प्रेम प्रसंग था, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि शादी के बाद सब ठीक हो जाएगा।

​पुलिसिया कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

​घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई। सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह राघव ने बताया कि मामले की लिखित शिकायत मिल चुकी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि लड़की अपनी मर्जी से इस शादी के लिए तैयार नहीं थी। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर ली है और लड़की ने खुद थाने आकर अपना बयान दर्ज कराने की बात कही है।

​इस घटना के प्रमुख बिंदु:

  • निकाह की तारीख: 21 फरवरी 2026
  • फरार होने की तारीख: 25 फरवरी 2026
  • चोरी की गई संपत्ति: ₹15 लाख के जेवर और ₹18,000 नकद।
  • आरोपी: दुल्हन और उसका प्रेमी (रिश्ते का चाचा)।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​हाथरस की यह घटना आधुनिक समाज में जबरन थोपी गई शादियों और प्रेम संबंधों के जटिल ताने-बाने को उजागर करती है। जहाँ एक ओर दूल्हे का परिवार ठगा हुआ महसूस कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ गई हैं। यह मामला न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि उन माता-पिताओं के लिए भी एक सबक है जो बच्चों की मर्जी के खिलाफ शादियाँ तय करते हैं।

पाठकों के लिए सवाल:

आपको क्या लगता है, इस पूरी घटना के लिए कौन अधिक जिम्मेदार है—बेमेल शादी का दबाव बनाने वाले परिजन या अपनी मर्जी थोपने वाली दुल्हन? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।