उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आगरा को विश्व पटल पर एक नई पहचान देने की तैयारी में है। ताजमहल की खूबसूरती के लिए मशहूर इस शहर को अब एक आधुनिक ‘इकोनॉमिक पावरहाउस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ‘आगरा अर्बन सेंटर’ के लिए मास्टर प्लान-2041 का ड्राफ्ट साझा कर दिया है। इस महायोजना के तहत आगरा के एत्मादपुर और सदर तहसील के 58 गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।​

करीब 14,480 हेक्टेयर जमीन पर फैला यह अर्बन सेंटर न केवल आगरा बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास का नया प्रवेश द्वार बनेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसे ‘न्यू आगरा’ के रूप में बसाया जाएगा, जो पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।​

तीन चरणों में बसेगा ‘न्यू आगरा’, 10 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार​

यीडा के प्रजेंटेशन के अनुसार, आगरा अर्बन सेंटर का विकास तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसका औद्योगिक और रोजगार मॉडल है। मास्टर प्लान में 3,000 हेक्टेयर जमीन सिर्फ औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित की गई है।​

प्राधिकरण का लक्ष्य है कि यहाँ आईटी (IT) सेक्टर, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक पार्क जैसे आधुनिक उद्योगों को प्राथमिकता दी जाए। चूंकि आगरा और आसपास का क्षेत्र आलू बेल्ट के रूप में जाना जाता है, इसलिए यहाँ फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। अनुमान है कि इस पूरे प्रोजेक्ट से लगभग 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं का पलायन रुकेगा।

​रिहायशी इलाकों का खाका: HIG से लेकर EWS तक सबके लिए घर

​मास्टर प्लान 2041 केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ रहने वालों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं भी होंगी। लगभग 1,878 हेक्टेयर क्षेत्र में आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी।

​योजना की खास बात यह है कि इसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। यहाँ हाई इनकम ग्रुप (HIG), मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के साथ-साथ लोअर इनकम ग्रुप (LIG) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए भी आवास बनाए जाएंगे। 15 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की गई यह योजना बुनियादी ढांचों जैसे चौड़ी सड़कें, पार्क और ड्रेनेज सिस्टम के मामले में बेहद उन्नत होगी।​

पर्यटन और लाइफस्टाइल: फाइव स्टार होटल, गोल्फ कोर्स और रिवरफ्रंट

​आगरा की पहचान पर्यटन से है, और मास्टर प्लान में इसे एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है। 405 हेक्टेयर जमीन को विशेष रूप से पर्यटन जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे दो जोन में बांटा गया है, जहाँ निम्नलिखित सुविधाएं प्रस्तावित हैं:

​लक्जरी स्टे: फाइव स्टार होटल और प्रीमियम रिसॉर्ट्स।​

मनोरंजन: रिवरफ्रंट विकास, थीम पार्क और बायोडायवर्सिटी पार्क।​

खेल और स्वास्थ्य: अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स विलेज और वेलनेस सेंटर।​

व्यापार: एग्जीबिशन एंड ट्रेड सेंटर, जहाँ ग्लोबल इवेंट्स आयोजित किए जा सकेंगे।​

ग्रीन और स्मार्ट सिटी: 256 मेगावाट का सोलर पार्क और इको-फ्रेंडली विजन

​ताजमहल के संरक्षण को देखते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट को ‘इको-फ्रेंडली’ रखा गया है। आगरा अर्बन सेंटर ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ) के अंतर्गत आता है, इसलिए यहाँ केवल गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को ही अनुमति मिलेगी।​

पर्यावरण संतुलन के लिए यहाँ 256 मेगावाट क्षमता का एक विशाल सोलर पार्क बनाया जाएगा। साथ ही, शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए 335 एमएलडी क्षमता के 7 एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाए जाएंगे। पानी की आपूर्ति के लिए यमुना नदी, निचली गंगा नहर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर फोकस किया जाएगा।​

इन 58 गांवों की जमीन के दाम में आएगा उछाल​

मास्टर प्लान के लागू होते ही आगरा के ग्रामीण इलाकों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है। इस योजना में पोइया, रायपुर, रहनकलां, कुबेरपुर, छलेसर, चौगान, नादऊ, उजरई, खंदौली, हाजीपुर खेड़ा, बुढ़ाना, और एत्मादपुर जैसे 58 गांवों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में अब बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा, जिससे रियल स्टेट सेक्टर में निवेश की बाढ़ आना तय है।​

​ग्रेटर आगरा मास्टर प्लान 2041 केवल एक शहरी विस्तार नहीं है, बल्कि यह भविष्य के आधुनिक उत्तर प्रदेश की एक झलक है। यमुना एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी और यीडा की प्लानिंग के साथ, यह क्षेत्र बहुत जल्द दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर विकसित होता नजर आएगा। पर्यटन, तकनीक और हरियाली का यह अनूठा संगम आगरा की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।